1000 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी पर लें आलू की उन्नत किस्मों के बीज

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आलू के बीज पर अनुदान

देश में आलू का महत्वपूर्ण स्थान है, देश में आलू की मांग वर्ष भर बनी रहती है | आलू की खेती देश में सभी सब्जी की खेती से ज्यादा होती है साथ ही उत्पादन भी ज्यादा होता है | कम भूमि में अत्यधिक उत्पादन के तथा कम समय में उपज प्राप्त होने के कारण किसानों को काफी मुनाफा भी होता है | आलू की खेती तो सभी राज्य करते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश इसकी खेती में अग्रिम स्थान रखता है | यहाँ पर देश के कुल उत्पादन का 35 प्रतिशत उत्पादन किया जाता है | पिछले वर्ष 2018 – 19 में 6.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 147.77 लाख मी. टन आलू का उत्पादन हुआ है |

इस वर्ष भी आलू का अधिक से अधिक उत्पादन करने के लिए राज्य सरकार किसानों को आलू के बीज पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी दे रही है इसके साथ ही जो इच्छुक किसान आलू का बीज उत्पादन करना चाहते हैं उन्हें भी प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जा रहा है |

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बीज की किस्में क्या है ?

किसान भाई कम लागत में अधिक आलू का उत्पादन कर सकें इसके लिए किसानों के लिए आलू की यह नई विकसित किस्मों का चयन किया गया है |

कुफरी बहार, कुफरी चिप्सोना – 1,2,3 व 4 कुफरी बादशाह, कुफरी आनन्द, कुफरी पुखराज, कुफरी सोना, कुफरी ख्याति, कुफरी सदाबहार, कुफरी गरिमा, कुफरी सिंदूरी, कुफरी मोहन, कुफरी फाइसोना प्रजाति है |

आलू के बीज पर कितनी सब्सिडी दी जाएगी ?

वर्ष 2018 – 19 में प्रदेश के राजकीय प्रक्षेत्रों पर उत्पादित 43328.50 क्विंटल आधारित श्रेणी का आलू बीज रबी वर्ष 2019 के मध्य वितरण हेतु उपलब्ध है | इस वर्ष आलू बीजों की प्रत्येक प्रजाति की प्रत्येक श्रेणी पर 1,000  रुपये प्रति क्विंटल की छूट प्रदान की गयी है |इस प्रकार आलू बीज की विक्रय दरें आधारित प्रथम रुपये 1745 प्रति क्विंटल, ओवर साइज रुपये 1320 रुपये प्रति क्विंटल एवं टुथफुल / प्रमाणित रुपया 1205 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित है |

इसके अलावा आलू विकास निति 2014 के अंतर्गत प्रदेश के आलू किसानों के निजी खेतों में प्रसंस्कृत प्रजाति – कुफरी चिप्सोना -1, कुफरी सूर्य आदि की प्रजातियों का जनपद हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मथुरा, कानपूर नगर, इटावा, कन्नौज तथा फर्रुखाबाद में 64 हे. में आलू बीज उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है | किसानों को उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमानिकरण संस्था से पंजीकरण, निरिक्षण ग्रेडिंग, पैकिंग एवं टेकिंग कराने के उपरान्त रुपया 25,000 प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा |

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