खरीफ फसल की खरीदी से पहले ही घोटाले की आशंका

0
6490
views
fasal panjiyan otp se hone par janch rajasthan e mitra

खरीफ फसल पंजीयन में गड़बड़ी

खरीफ फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए सभी राज्यों में पंजीयन चल रहा है | किसान अपनी फसल सुविधापूर्वक बेच सकें इसके लिए पंजीकरण सभी राज्यों में चल रहे हैं | इसके बाद किसानों से फसल खरीद शुरू कर दी जाएगी | किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन करना जरुरी है | यह पंजीयन आनलाईन किया जा रहा है लेकिन राजस्थान में पंजीयन में कुछ गड़बड़ सामने आई है | जिससे किसान को फसल का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पायेगा और दलाल अपना माल किसान के नाम पर बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं |

क्या है  फसल खरीदी पंजीयन में गड़बड़ी मामला ?

राजस्थान के सहकारिता सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने कहा कि 8 जिलों बारां, चुरू, जैसलमेर, नागौर, जोधपुर, उदयपुर, दौसा एवं श्रीगंगानगर के 118 ई-मित्र केन्द्रों द्वारा आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के स्थान पर ओ.टी.पी. के आधार पर 10 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत पंजीयन किये जाने की सत्यता पर संदेह उत्पन्न करते हैं |

यह भी पढ़ें   किसानों के 147 करोड़ रूपये कि बिजली बिल माफ किये गए

दरसल सहकारिता सचिव समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की खरीदी के लिए किये गए पंजीकरण की समिक्षा कर रहे थे | जिसमें पाया कि ज्यादा तर किसानों का पंजीयन आधार कार्ड से न होकर ओ.टी.पी से किया गया है |  इस प्रकार से पंजीयन होना ई-मित्रों को दिये गये निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में आते है। इसके बाद श्री गंगवार ने तत्काल ही 8 जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिये कि ओ.टी.पी. के आधार पर हुये पंजियनों की एस.डी.एम. व तहसीलदार स्तर के अधिकारी से खरीद शुरू होने से पूर्व जाँच करवाकर राजफैड मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए |

जाँच में यह सुनिश्चित करना है कि ओ.टी.पी. से हुये पंजीयन में किसान अपने अंगूठे के आधार पर पंजीयन करवाने में सक्षम थे अथवा नहीं | जाँच में सही पाये गए किसानों को ही तुलाई की दिनांक आवंटित की जायेगी एवं जो पंजीयन सही नहीं होंगे उन्हें निरस्त किया जाएगा | अगर ई – मित्र के द्वारा नियम विरुद्ध पंजीयन किया गया है तो उनके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कठोर कार्यवाई अमल में लाने के निर्देश दिया गया है |

यह भी पढ़ें   राजस्थान में कर्जमाफी प्रमाण पत्रों का वितरण 26 मई से

ई – मित्र ऐसा क्यों कर सकते हैं ?

किसानों के द्वारा पंजीयन में भूमि का रकबा देना जरुरी रहता है, इसी के आधार पर यह तय होता है कि किस किसान को कितना अनाज बेचने की अनुमति है | जिस किसान के पास कम भूमि रहता है उसे कम टारगेट मिलता है तथा जिस किसान के पास अधिक भूमि रहती है उसे अधिक टारगेट मिलता है |

इसी के कारण व्यापारी लोग अपने नाम पर या किसी दुसरे के नाम पर अधिक रकबा का पंजीयन कराकर अधिक टारगेट प्राप्त कर लेते हैं | उसके बाद किसान से कम भाव में अनाज खरीद कर न्यूतम समर्थन मूल्य पर बेचकर अधिक मुनाफा कमाते हैं | इसी को रोकने के लिए इस बार पंजीयन में आधार नंबर जरुरी कर दिया गया था |

किसान पंजीकरण सम्बंधित समस्या के लिए टोल फ्री नम्बर 

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here