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शुक्रवार, अप्रैल 19, 2024
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कस्टम प्रोसेसिंग योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का लोन लेकर शुरू करें अपना बिज़नेस

कस्टम प्रोसेसिंग योजना के तहत लोन एवं अनुदान

कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई योजनायें चलाई जा रही हैं | पिछले वर्ष कोरोना लॉक डाउन के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा “आत्मनिर्भर भारत” के तहत कई योजनाओं की घोषणा की गई थी इन योजनओं में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की स्थापना भी शामिल है | योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों आदि की स्थापना पर इच्छुक लाभार्थियों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाना शामिल है | मध्यप्रदेश सरकार ने इससे जुडी योजना “कस्टम प्रोसेसिंग योजना” की शुरुआत कर दी है |

क्या है कस्टम प्रोसेसिंग योजना

मध्यप्रदेश के किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने गुरुवार को मध्यप्रदेश में “कस्टम प्रोसेसिंग योजना” का शुभारंभ किया | योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को अनाज की ग्रेडिंग, क्लीनिंग, ग्रेडिंग प्लांट, दाल मिल, राइस मिल इत्यादि के लिये 25 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें शासन की ओर से 40 प्रतिशत का अनुदान भी मिलेगा। इससे कृषि क्षेत्र में युवाओं को व्यापार और रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया होंगे।

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250 कस्टम प्रोसेसिंग केन्द्र किये जाएंगे स्थापित

कृषि मंत्री श्री पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश कस्टम प्रोसेसिंग केन्द्र स्थापित करने संबंधी योजना लागू करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में इस वर्ष लगभग 250 कस्टम प्रोसेसिंग केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। इसके लिये शीघ्र ही आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। श्री पटेल ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित “कृषि अधोसंरचनात्मक फण्ड” अंतर्गत कस्टम प्रोसेसिंग योजना के प्रोजेक्ट स्वीकृत किये जायेंगे। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को 3 प्रतिशत का ब्याज अनुदान भी अलग से उपलब्ध कराया जायेगा।

मंत्री श्री पटेल ने बताया कि नवीन कस्टम प्रोसेसिंग योजना ग्राम स्तर पर उपज की ग्रेडिंग करेगी और किसान भाई अलग-अलग ग्रेड के आधार पर अपनी उपज मण्डी में बेच सकेंगे। श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर करती है। प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा खातेदार हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी में आते हैं । कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के सशक्तिकरण के लिये अधिक से अधिक अवसर सृजित होंगे।

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