लॉकडाउन के बाबजूद ग्रीष्मकालीन (जायद) फसलों की बुआई क्षेत्रफल में हुई वृद्धि

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ग्रीष्मकालीन (जायद) फसलों की बुआई क्षेत्र में वृद्धि

सम्पूर्ण देश में अभी लॉक डाउन चल रहा है | लॉक डाउन की शुरुआत ऐसे समय पर हुई जब किसानों की फसलों की कटाई एवं गरमा (जायद) फसलों की बुआई का समय रहता है | ऐसे में इस समत पर किसानों को लॉकडाउन के कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है | हालांकि सरकार ने किसानों को खेती-किसानी के कार्यों के लिए लॉक डाउन में छूट दी गई है | इसके बाबजूद भी कई किसान हार्वेस्टर एवं मजदूर की कमी के चलते अभी तक कटाई के काम को अंजाम नहीं दे पाए हैं | वहीँ केन्द्रीय कृषि किसान कल्याण विभाग  द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार कटाई एवं समर्थन मूल्य पर रबी फसलों की खरीद जारी है |

कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया की अभी तक रबी, 2020 मौसम के दौरान नैफेड द्वारा 1,07,814 मीट्रिक टन दलहन (चना : 1,06,170 मीट्रिक टन) और तिलहन (सरसों : 19.30 मीट्रिक टन एवं सूरजमुखी : 1,624.75 मीट्रिक टन) की एमएसपी मूल्य पर खरीद की गयी, कुल खरीद 526.84 करोड़ रुपए और इससे अभी तक 75,984 किसान लाभान्वित हुए हैं । वहीँ अभी तक कुल बुआई वाले क्षेत्र के मुकाबले गेहूं की कटाई 26 से 33 प्रतिशत तक ही हुई है |

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ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में वृद्धि

कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि 10 अप्रैल, 2020 तक ग्रीष्मकालीन फसलों (धान, दलहन, मोटे अनाज और तिलहन सहित) के तहत कुल क्षेत्रफल में खेती में वृद्धि हुई है। 25 मार्च, 2020 से जारी लॉकडाउन के बाद के प्रतिबंधों और सामाजिक दूरी के नियमों के बावजूद इसमें पिछले साल की तुलना में 11.64 लाख हेक्टेयर वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2018-19 में 37.12 लाख हेक्टेयर के कुल कृषि क्षेत्र के मुकाबले, इस साल 2019-20 में 48.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई की गई है। पिछले वर्ष के सप्ताह में 10 अप्रैल तक सामान्य क्षेत्रफल 41.81 लाख हेक्टेयर था।

ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में हुई इस वृद्धि में मुख्‍य धान की फसल है, जिसकी बुवाई वाले क्षेत्रफल में 8.77 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। अन्य सभी फसलों की बुवाई के क्षेत्रफल में वृद्धि 1 लाख हेक्टेयर से कम दर्ज की गई है। सिवाए रागी मोटे अनाज के, जिसकी बुवाई के क्षेत्रफल में पिछले वर्ष की तुलना में 0.06 लाख हेक्टेयर की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इस साल ग्रीष्‍मकालीन धान की बुवाई लगभग 32.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में 23.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की गई थी।

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दलहन में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 3.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की तुलना में इस साल लगभग 3.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया है। जबकि तिलहन में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 5.97 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस साल लगभग 6.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है। वहीँ मोटे अनाजों में पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 4.33 लाख हेक्टेयर की तुलना में इस साल लगभग 5.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया है।

फसल अनुसार फसल बुआई का रकबा जानने के लिए क्लिक करें 

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2 COMMENTS

  1. हमारे खेत में धान और रवि फसल पूरा तरह से खराब हो गई है मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि इस किसानों पर कुछ किया जाए

    • फसल बीमा है तो कम्पनी को सूचित करें या कृषि अधिकारीयों को सुचना देकर सर्वे करवाएं |

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