4500 किसानों को कुसुम योजना के तहत सब्सिडी पर दिए जाएंगे सोलर पम्प

4
2142
subsidy par solar pump

कुसुम योजना के तहत सोलर पम्प अनुदान

देश में अक्षय उर्जा क्षेत्र में किसानों की भागीदारी बढ़ाने एवं किसानों की आय को दुगना करने के उद्देश्य से देशभर में कुसुम योजना चलाई जा रही है | कुसुम योजना के तीन कॉम्पोनेन्ट हैं- कॉम्पोनेन्ट ए के तहत किसान अपनी भूमि पर सोलर प्लांट लगवाकर सरकार को बिजली बेच सकते हैं वहीँ कॉम्पोनेन्ट बी में किसान सब्सिडी पर सोलर पम्प लगवाकर अपने खेत में सिंचाई के लिए उसका उपयोग कर सकते हैं एवं कॉम्पोनेन्ट सी में सोलर पम्प लगवाकर अपने खेतों की सिंचाई के आलवा बिजली बेच भी सकते हैं |

राजस्थान सरकार द्वारा किसानों से कुसुम योजना कॉम्पोनेन्ट-ए के तहत पहले ही आवेदन मांगे जा चुके हैं | सरकार ने अब दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले 5 हजार जनजाति कृषकों को बिजली के बिलों से निजात दिलाने व खेती कार्य हेतु समय पर उर्जा उपलब्ध करवाने हेतु ’’कुसुम योजना’’ के तहत सोलर पम्प स्थापित करने हेतु अनुदान देने का फैसला लिया है |मुख्य मंत्री श्री अशोक गहलोत ने  प्रदेश के अधिकांश जनजाति कृषकों की कमजोर आर्थिक हालत को देखते हुए वर्ष 2020-21 के बजट में ’’कुसुम योजना’’ के तहत जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के माध्यम से चरणबद्व रूप में 5 हजार जनजाति कृषकों को सौलर पम्प स्थापित कर लाभान्वित करने की घोषणा की थी । इसके तहत कुसुम योजना के कॉम्पोनेन्ट बी एवं कॉम्पोनेन्ट सी के माध्यम से 5000 जनजाति किसानों को चरण सिंचाई हेतु सोलर पम्प का लाभ देने के उद्देश्य से 11.85 करोड़ रूपये का बजट स्वीकृत किया है |

यह भी पढ़ें   2019 बजट में किसानों को क्या मिला, देखें एक नजर में

कुसुम योजना कॉम्पोनेन्ट बी के तहत 45 हजार रुपये के अनुदान पर सोलर पम्प

राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने बताया कि कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट बी के तहत 1,500 जनजाति कृषकों को सौलर उर्जा पम्प संयत्र लगाने हेतु 45 हजार रूपये का अनुदान दिया जायेगा इस हेतु 6.75 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। योजना का क्रियान्वयन उधानिकी विभाग द्वारा किया जायेगा। इस योजना से जनजाति कृषकों द्वारा खेती से अधिक उपज ली जा सकेगी जिससे उनकी आय में वृद्वि होगी एवं बिजली के बिल से निजात मिलेगी ।

बिजली बेचकर किया जायेगा किसान के ऋण का भुगतान

मंत्री श्री बामनिया ने बताया कि कुसुम योजना के तहत कम्पोनेन्ट सी के तहत जनजाति क्षेत्र में जिन कृषकों के कूओं पर बिजली के कनेक्शन उपलब्ध हैं उनके वहॉं कृषि कूप को सौर उर्जा द्वारा विधुतिकरण किया जावेगा। इससे जनजाति कृषकों को बिजली पर होने वाले व्यय से निजात मिलेगी तथा अतिरिक्त बिजली के उत्पादन को ग्रिड में स्थानान्तरित किया जावेगा ।

यह भी पढ़ें   समर्थन मूल्य MSP पर अभी नहीं की जाएगी मूंगफली की खरीद, पंजीयन प्रक्रिया की गई स्थगित

इससे होने वाली आय को उनके द्वारा लिये गये ऋण की किस्त के अदा करने में समायोजित किया जावेगा । सी कम्पानेन्ट में 3000 जनजाति कृषकों को लाभान्वि्त किया जावेगा व प्रति कृषक 17 हजार का अनुदान दिया जायेगा । इस हेतु राशि 5.10 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये है।

योजना का क्रियान्वयन उधानिकी विभाग द्वारा किया जायेगा। अतः जो जनजाति वर्ग के किसान योजना का लाभ लेना चाहते हैं वह अपने जिले के उद्यानिकी विभाग में सम्पर्क कर सकते हैं |

4 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here