स्कूलों में अब कृषि विषय के रूप में नहीं बल्कि पढाया जाएगा कृषि संकाय के रूप में

0
3383
krishi vishya me study

विद्यालयों में कृषि अब विषय नहीं संकाय के रूप में होगा

भारत हमेशा से एक कृषि प्रधान देश रहा है, देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि एवं सम्बंधित क्षेत्रों के माध्यम से ही अपनी जीविका चलाती है | ऐसे में जरुरी है की इस पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाए | पिछले कुछ वर्षों में कृषि और किसानों पर सभी सरकारों ने अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया है | केंद्र एवं राज्य सरकारें अलग-अलग तरीके से योजना बना कर किसानों की आय एवं उत्पादन बढ़ाना चाहती है | अब राजस्थान ने राज्य में कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है |

कृषि को एक विषय की बजाय संकाय रूप में से संचालित

राजस्थान के शिक्षा मंत्री श्री गोविंद सिंह ने बताया कि राज्य के 398 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संचालित कृषि विज्ञान विषय अब कृषि संकाय रूप में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में माद्यमिक शिक्षा बोर्ड को भी निर्देश दिए गए हैं कि कृषि को एक विषय की बजाय संकाय रूप में से संचालित करने के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण एवम अन्य आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने बताया कि कृषि संकाय रूप में 11 वीं का संचालन विद्यालयों में 2019-20 से प्रारम्भ होगा।

यह भी पढ़ें   किसान अपने खेत को बीघा, एकड़, हेक्टयर में इस तरह नापे, खेत मापने की इकाइयां

यदि इसमें अधिक छात्र नामांकन करते हैं तो,स्टाफिंग पैटर्न के आदेश 31 अप्रेल, 2015 के अनुसार पद स्वीकृत किये जाने के लिए अलग से विध्यालाय्वार प्रस्ताव भेजे जाएँ | कृषि विषय को विज्ञान संकाय के एक विषय के स्थान पर अलग से कृषि संकाय के रूप में संचालित करने के लिए पाठ्यक्रम निर्धारण एवं अन्य आवशयक कार्यवाही की जाएगी |

उन्होंने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। इसे विद्यालयों में संकाय रूप में संचालित करने से विद्यार्थीयों में कृषि विषय के प्रति और रुचि जाग्रत होगी तथा प्रदेश के युवाओं को कृषि रोजगार में अधिक अवसर मिल सकेंगे।

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here