चन्दन की खेती करें और 10 साल में लाखों रुपया कमायें

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Sandalwood chandan ki kheti

चन्दन की खेती

औषधीय एवं वाणिज्यिक फसलों में चन्दन एक ऐसा पेड़ है जिसकी लकड़ी भारतीय संस्कृति तथा सभ्यता से जुडी हुई है | अगर बात हिन्दू धर्म में पूजा – पथ की हो तो और भी महत्व बढ़ जाता है | ऐसा कोई घर नहीं है जिसके पास चन्दन की लकड़ी नहीं है | इसकी महत्ता यहीं तक सिमित नहीं है बल्कि इसकी लकड़ी से औषधीय तथा सुगन्धित इत्र बनाया जाता है इसलिए इसकी मांग देश ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में मौजूद है | उत्पादन कम रहने के कारण चन्दन की लकड़ी की कीमत बहुत ज्यदा है | वर्तमान समय में भारत में 7,000 से 8,000 टन प्रति वर्ष लकड़ी खपत है लेकिन उपलब्धता मात्र 100 टन तक ही है | जिसके कारण इसकी कीमत 6,000 से लेकर 12,000 रुपए प्रति किलो है |

पुरे विश्व में चन्दन की 16 प्रजातियाँ है | जिसमें सेंत्लम एल्बम प्रजातियाँ सबसे सुगन्धित तथा औषधीय  युक्त है | इसके अलवा सफ़ेद चन्दन, सेंडल, अबेयाद, श्रीखंड, सुखद संडालो प्रजाति की चन्दन पायी जाती है |

चन्दन की खेती के लिए कैसी मिट्टी की जरुरत है ?

इसकी खेती सभी तरह की मिटटी में हो सकता है लेकिन रेतीली मिटटी, चकनी मिटटी, लाल मिटटी , काली दानेदार मिट्टी चन्दन के पौधे की लिए ज्यादा उपयुक्त है | चन्दन की खेती वैसे जगह पर नहीं करे जहाँ पर पानी का जमाव होता है , बर्फ गिरती है, रेत भरी मिटटी है इसके अलवा तीव्र ठंड चन्दन के लिए उपयुक्त नहीं है | इसकी खेती काश्मीर के लाद्दक तथा राजस्थान के जैसलमेर में नहीं किया जा सकता है | बाकि पुरे देश में चन्दन की खेती की जा सकती है |

चन्दन की खेती कैसे करें ?

खेती के लिए मिट्टी के साथ पौधे का चुनाव करना महत्वपूर्ण रहता है | सफ़ेद चन्दन की 375 पौधे एक एकड़ खेत में लगाया जा सकता है | चन्दन की पौधों में ज्यादा पानी नहीं लगना चाहिए इसके लिए खेत में मेड बनाकर रोपाई करना चाहिए | इसके लिए मेड से मेड की दुरी 10 फुट होना चाहिए तथा मेड के ऊपर पौधे से पौधे की दुरी 12 फुट की होनी चाहिए |

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पौधे कैसे लगायें 

चन्दन की पेड़ अकेले नही लगाया जा सकता है अगर अकेले चन्दन का पेड़ लगाया गया तो यह सुख जयेगा | इसका कारण यह है की चन्दन अर्धपरजीवी पौधा है | मतलब आधा जीवन के लिए जरूरत खुद पूरा करता है तो आधे जरूरत के लिए दुसरे पौधे की जड़ों पर निर्भर रहता है इसलिए जब भी चन्दन की पेड़ लगाएं तो उसके साथ और भी पेड़ लगाएं | एक बात का ख्याल रखना होगा की चन्दन के कुछ खास पौधे उसके साथ है जिसे लगाने पर ही चन्दन का विकास सम्भव है | जैसे – नीम, मीठी नीम, सहजन, लाल चंदा इत्यादी |

जैसा की पहले बताया जा चूका है की चन्दन की पौधे अकेले जीवित नही रह सकता है | इसके लिए दुसरे पेड़ का होना जरुरी है | इसलिए एक एकड़ में 375 सफ़ेद चन्दन के पौधे लगाने के साथ ही 1125 चन्दन की होस्ट (साथी) पौधे को लगाना होगा | इसके लिए यह जानना जरुरी है की चन्दन की पोधे के साथ कौन – कौन से पौधे लगाना होगा  यानि चन्दन की कौन – कौन सी पौधे साथी है |

एक एकड़ में चन्दन की पौधे के साथ उसके साथी पौधे को बोना चाहिए |
  • प्राथमिक साथी – 375
  • लाल चन्दन – 125
  • कैजुराइना – 125
  • देसी नीम – 125
  • सेकेंडरी होस्ट – 750
  • मीठी नीम – 375
  • सहजन – 375

खेती के लिए पौधे कहाँ से खरीदें ?

चन्दन की खेती के लिए बीज तथा पौधे दोनों खरीदे जा सकते हैं | इसके लिए केंद्र सरकार की लकड़ी विज्ञान तथा तकनीक संस्थान (institute of wood science & technology) बेंगलोर में है | यहाँ से आप चन्दन की पौधे प्राप्त कर सकते हैं |

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इसका पता है

Tree improvement and genetics division institute of wood science and technology

o.p. malleshwaram

bangalore – 506003 (india)

E-mail – [email protected]

tel no. – 00 91-80 – 22-190155

fax number – 0091-80-23340529

इसके अलवा उत्तर प्रदेश में भी एक नर्सरी है जहाँ से इसकी जानकारी तथा पौधे प्राप्त कर सकते हैं | जो albsan aegrofrestry प्राईवेट लिमटेड के नाम से है |

इनका मोबाईल नंबर – 8429102442 , 7233920101 है |

चन्दन की खेती से जुड़े कुछ अफवाह के बारे में जानना जरुरी है |

इसकी खेती करने वाले किसानों में एक भ्रांतियां रहती है की इसकी खेती करने के लिए सरकार से लाईसेंस लेने की जरुरत पड़ती है | किसान समाधान आप सभी किसान को आश्वस्त करना चाहता है की चन्दन की खेती के लिए किसी भी तरह का कोई लाईसेंस लेने की जरूरत नहीं है | केवल पेड़ की कटाई के समय राज्य वन विभग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना होगा जो आसानी से मिल जाता है और यह सभी तरह के पौधे में काटने से पहले लेना होता है |

चन्दन के पौधे में सांप लिप्त रहता है – एसा कुछ भी नही है जो कहावत है उसका मतलब यह होता है की चन्दन की पेड़ से सांप लिपटने के बाबजूद भी पेड़ में बिष नहीं जाता है यानि चन्दन अपना गुण नहीं छोड़ता है | इसलिए जो ईच्छुक किसान है वह चन्दन की खेती करें तथा अधिक से अधिक मुनाफा कमायें |

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