इस राज्य में पशुओं का आधार कार्ड (टैगिंग) के लिए शुरू हुए पंजीकरण

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पशु डाटाबेस टैगिंग हेतु पंजीकरण

सरकार द्वारा देश के सभी नागरिकों का आधार कार्ड से डेटाबेस तैयार करने के बाद अब पशुओं का भी एक नेशनल डाटाबेस तैयार करने के लिए सरकार द्वारा योजना लागू की गई है | इसमें समस्त दुधारू पशुओं (गाय एवं भैंस वंश) में टेगिंग कर पंजीकरण का कार्य बड़े स्तर पर प्रारम्भ किया जा रहा है | इस डेटाबेस के संग्रह से स्थानीय एवं वैश्विक स्तर पर पशुओं के क्रय–विक्रय में उचित मूल्य हेतु ई–मार्केट का विकास किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं | यह योजना पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने में लाभकारी होगी एवं ईनाफ पोर्टल पर टेग नंबर के माध्यम से पशु की समस्त जानकारी घर बैठे ही प्राप्त की जा सकेगी |

यह योजना वैसे तो सारे देश में चल रही है कई राज्यों में इसका क्रियान्वन किया जा रहा है इसके बाद अब राजस्थान सरकार ने भी इस योजना को लागू कर दिया है | इसके बारे में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि पशुओं का डेटाबेस तैयार करने के इस कार्य के लिए पशु पालन विभाग द्वारा सम्बन्धित संस्थाओं, अधिकारीयों – कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है | पशुपालन विभाग के अधिकारी–कर्मचारी पशुपालकों के यहाँ डोर–टू–डोर जाकर पशुओं का पंजीकरण एवं टेगिंग कर रहे हैं |

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पशुओं का आधार क्यों बनाया जा रहा है ?

इसके बारे में जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने कहा कि पंजीकरण किए जाने से प्रत्येक पशु की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी | इससे नस्ल सुधार संबंधित जानकारी के द्वारा उन्नत नस्ल के पशुवंश का संरक्षण एवं संवर्धन हो सकेगा | साथ–साथ टीकाकरण, कृत्रिम, गर्भधान, नाकारा नस्ल के पशुओं का बधियाकरण का रिकार्ड संधारण करने में आसानी होगी |

इस अभियान से एक राज्य से दुसरे राज्य में पशुओं के संक्रामक रोगों के प्रसार एवं संक्रमण पर अंकुश लगेगा | पशुओं का अनुवांशिक ब्यौरा संकलित किया जा सकेगा | जिससे पशुओं की उन्नत नस्लों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा | इस कार्यक्रम से पशुओं स्वास्थ्य संबंधित समस्त जानकारी जैसे समस्त टीकाकरण एवं रोगों की रोकथाम की संकलित जानकारी संधारित की जाएगी |

इसके बारे में अधिक जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग के वरिष्ट पशु चिकित्सा अधिकारी डा. विकास शर्मा ने बताया कि समस्त पंजीकृत पशुओं एवं पशुपालकों की सम्पूर्ण जानकारी ईनाफ साफ्टवेयर में इंद्राज किया जाना आवश्यक है | ईनाफ टेगिंग में पशुओं की समस्त जानकारी आधार कार्ड के समकक्ष महत्व की होगी , जिससे पशुपालकों को राज्य सरकार, पशुपालन विभाग नवीं योजनाओं का लाभ देने में सुगमता होगी |

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