Thursday, December 1, 2022

फसल बेचने के लिए इन किसानों का पंजीकरण मान्य नहीं होगा

Must Read

फसल बेचने के लिए इन किसानों का पंजीकरण मान्य नहीं होगा

किसानों की फसल खेत में पक कर तैयार है परन्तु बहुत से किसान उसे समर्थन मूल्य पर बेचने की लिए पंजीकरण नहीं करवा पायें हैं | बहुत से किसान ऐसे हैं जिन्होंने शुरुआत में पंजीयन करवा लिया था परन्तु किन्हीं कारणों से गिरदावरी अपलोड नहीं करवा पाए थे वह गिरदावरी अपलोड करवा लें नहीं तो ऐसे किसानों का पंजीकरण मान्य नहीं होगा | ऐसे किसान जो सोयाबीन, मूंगफली, मूंग एवं उड़द का पंजीकरण नहीं करवा पाए थे वोह अब अपना पंजीयन करवा सकते हैं | कई किसान गिरदावरी के अभाव एवं रजिस्ट्रेशन वेबसाइट पर दबाव के चलते अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिये अपना ऑनलाइन पंजीयन नहीं करवा पाये थे। अब ऎसे किसान 29 अक्टूबर से नजदीकी ई-मित्र केन्द्र या खरीद केन्द्र पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।

समर्थन मूल्य पर मूंग, उडद, सोयाबीन एवं मूंगफली की हो रही खरीद के लिए पुनः पंजीकरण शुरू होने पर एक ही दिन में 29 अक्टूबर को 54395 किसानों ने उपज बेचान के लिए पंजीकरण कराया। जिसमें मूंग के लिए 36 हजार 41 किसानों, मूंगफली के लिए 8 हजार 141 उडद के लिए 9 हजार 841 तथा सोयाबीन के लिए 362 किसानों ने पंजीकरण कराया। पंजीकरण की प्रक्रिया चालू है किसान ई-मित्र या खरीद केन्द्र पर मूल खसरा गिरदावरी के साथ आवश्यक दस्तावेज लेकर उपज बेचान के लिए पंजीकरण करा सकता है।

यह भी पढ़ें   किसानों को अनुदान पर दिए जा रहे हैं गेहूं, चना एवं अन्य फसलों के उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीज

गिरदवारी के आभाव में किसानों का पंजीयन आमान्य

- Advertisement -

9 अक्टूबर तक 131.49 करोड रू की उपज किसानों से खरीदी जा चुकी है। किसानों द्वारा मूल गिरदावरी प्रस्तुत करने पर खरीद की जा रही है तथा किसान द्वारा आवश्यक दस्तावेज होने पर खरीद की जा रही है। यह सुनिश्चित किया गया है कि पात्र किसानों से खरीद हो।

समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की हो रही खरीद के लिए 31 अक्टूबर तक 3 लाख 56 हजार 665 किसानों ने पंजीयन करवाया है। राजफैड द्वारा रेण्डम जॉच के दौरान यह तथ्य ध्यान में आया है कि कई किसानों द्वारा मूल खसरा गिरदावरी की प्रति पी 35 अपलोड नही की गई है। किसान पी 35 गिरदावरी के साथ उस पर अंकित क्रमांक एवं दिनांक को भी अपलोड करे ताकि पंजीयन मान्य हो सके एवं खरीद भी संभव हो सके। यह जानकारी गुरूवार को राजफैड की प्रबन्ध निदेशक डॉ.वीना प्रधान ने दी।

मूंग, उडद, सोयाबीन एवं मूंगफली के लिए अब तक 3 लाख 17 हजार 323 किसानों ने पंजीकरण कराया है जिसमें से मूंग के लिए 1 लाख 48 हजार 161 किसानों, मूंगफली के लिए 84 हजार 829 उडद के लिए 58 हजार 916 तथा सोयाबीन के लिए 25 हजार 417 किसानों ने उपज बेचान के लिए पंजीकरण किया है।

यह भी पढ़ें   मटर की उन्नत खेती के लिए किसानों को दिया गया प्रशिक्षण एवं खाद-बीज

जिन किसानों द्वारा मूल गिरदावरी के साथ पंजीकरण नहीं किया है उनका पंजीकरण मान्य नहीं होगा तथा पंजीकृत किसान उपज बेचान के समय खरीद केन्द्र पर मूल गिरदावरी साथ लेकर आये जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जा सके। केन्द्र सरकार द्वारा मूंग के लिए 2.39 लाख मै.टन, मूंगफली के लिए 3.79 लाख मै.टन, उडद के लिए 88 हजार 575 मै.टन तथा सोयाबीन के लिए 3.69 लाख मै.टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के अनुरूप ही किसानों से खरीद की जायेगी।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

3 लाख से अधिक नए किसानों को दिया जायेगा ब्याज मुक्त फसली ऋण

ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरणकृषि के क्षेत्र में निवेश के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारें किसानों को सस्ता...

More Articles Like This

ऐप खोलें