धान खरीदी के लिए नियमों में किए गए यह परिवर्तन

हाइब्रिड धान की रिकवरी में किसानों को मिलेगी तीन फीसदी की छूट

खरीफ फसल में धान एक मत्वपूर्ण फसल है | इसकी खरीदी सभी प्रदेशों के प्रदेश सरकार करती है यानि द्वारा खरीदी की जाती है | इस वर्ष किसानों को ध्यान में रखते हए धान की खरीदी की जा रही है | उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने धान की खरीदी के लिए 3000 खरीदी केंद्र बनाये हैं | इन केन्द्रों पर 1,68,570  कृषकों से 11.66 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा रही है | प्रत्येक वर्ष किसानों की यह मांग रहती थी की सरकार धान खरीद कर उसका भुगतान नहीं कर रही है | इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को 72 घंटे में आनलाईन 2043 करोड़ रुपया का भुगतान कर दिया गया है |

राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुये धान कुटाई में चावल मिलर्स को 20 रूपये प्रति कुन्तल प्रोत्साहन धनराशि चावल मिलर्स 30 दिन के अन्दर देय चावल भरतीय खाध निगम के डिपो पर उतारने पर देय थी | मिलर्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस अवधि को बढाकर अब 45 दिन कर दिया गया है|

हाइब्रिड चावल की खरीदी

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इसके अलावा राज्य सरकार के तरफ से यह बताया गया है कि हाइब्रिड धान में मानक के अनुरूप चावल की रिकवरी कम निकलने के कारण कृषकों को क्रय केन्द्रों पर हाइब्रिड धान में तत्काल प्रभाव से 03 प्रतिशत घटाकर 67 प्रतिशत से 64 प्रतिशत कर दी गई है | किन्तु धान की कुटाई करने के उपरान्त चावल मिलर्स को भारतीय खाध निगम के गोदाम में 67 प्रतिशत चावल जमा होगा | राज्य सरकार चावल मिलर्स को 03 प्रतिशत अंतर की प्रतिपूर्ति करेगी | इस निमित्त 88.15 रूपये प्रति कुन्तल की दर से कुल 123.41 करोड़ रूपये का व्यय भार आएगा | इस निर्णय से कृषक बन्धु अपना धान क्रय केन्द्रों पर सुविधापूर्वक बेच सकेंगे व समर्थन मूल्य का पूर्ण लाभ उठा सकेंगे |

अब तक सरकारी खरीद केन्द्रों पर धान की खरीदी में जनपद की प्रति हेक्टयर औसत उत्पादकता का 120 प्रतिशत आधार बनाया गया था, किन्तु धान की कतिपय किस्मों में पैदावार अच्छी होने के दृष्टिगत औसत उत्पादन का 120 प्रतिशत से अधिक धान क्रय केन्द्रों पर बिक्री की मांग / आवश्यकता होने पर जिलाधिकारी को निर्णय लेने हेतु अधिकृत कर दिया गया है |

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