सरकार बनते ही किसानों के लिए केंद्र सरकार से मांगी मदद

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राजस्थान की सरकार ने सूखा प्रभावित 9 जिलों के लिए केंद्र सरकार से 2819.58 करोड़ रु. की मदद मांगी |

राजस्थान में नई सरकार बने अभी दो दिन ही हुआ है, इस नई सरकार ने केंद्र सरकार से 2819.58 करोड़ रुपये की मदद मांगी है | यह मदद राजस्थान के 9 राज्यों में सूखा से प्रभावित लोगों को मदद पहुँचाने के लिए मांगी गई है | राजस्थान की मुख्य सचिव श्री डी.वि. गुप्ता ने अन्तर मंत्रालयिक केंद्रीय दल के सदस्यों के समक्ष सुखा प्रभावित राज्य के 9 जिलों में राहत सहायता के लिए रूपये की मांग की है | इन सभी 9 जिलों में पेयजल , परिवहन एवं पशु संरक्षण गतिविधियों एवं अन्य राहत गतिविधियों के संचालन हेतु अतरिक्त सहायता की मांग केंद्रीय दल के सामने रखी |

क्या है मामला ?

दरअसल राजस्थान में इस बार कम बारिश के चलते बड़ा हिस्सा सूखे से प्रभावित है तथा खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि किसान पहली बारिश आते ही फसल बो देता है। यदि उसके पश्चात् कुछ दिन यदि बारिश नहीं आती है तो उसकी बुआई बेकार हो जाती है। उन्होंने बताया कि कम बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने केन्द्रीय दल के सदस्यों से कहा कि केन्द्र से समय पर सहायता मिलने पर ही उसका पूरा फायदा सूखा प्रभावित क्षेत्रों को पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने मवेशियों के लिए चारा डिपो बनाने तथा गोशालाओं के लिए भी अतिरिक्त सहायता देने की मांग की।

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बैठक में आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग के सचिव श्री हेमन्त कुमार गेरा ने प्रदेश में सूखा प्रभावित 9 जिलों बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, हनुमानगढ़, पाली, चूरू तथा नागौर में टेंकों की स्थिति, पानी की उपलब्धता, भूजल की स्थिति आदि से अवगत करवाया। उन्होंने दल के सदस्यों को बताया कि इन 9 जिलों में जून 2018 से सितम्बर 2018 तक 217.44 मिमि वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो कि सामान्य से लगभग 26.45 प्रतिशत कम है। उन्होंने बताया कि 9 जिलों की 58 तहसीलों के 5 हजार 555 राजस्व गांव सूखा प्रभावित हैं तथा 17.95 लाख किसानों का फसल खराबा 33 प्रतिशत से अधिक है।

कितने लोग प्रभावित हुए है ?

ऐसा नहीं है की प्रभावितों में केवल इंसान ही है , बल्कि सूखे की चपेट में मवेशी भी आयें हैं | इन 9 जिलों में सूखे से 72.50 लाख मानव एवं 86.59 लाख मवेशी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि 1914.14 करोड़ रुपये की कृषि इनपुट सब्सिडी, आपातकालीन पीने के पानी के प्रबन्धन के लिए 197.30 करोड़ रुपये की राशि, गौशालाओं के लिए 339.26 करोड़, सूखे के दौरान गौशालाओं में अतिरिक्त मवेशियों के लिए 153.75 करोड़, चारे की ढुलाई पर सब्सिडी के लिए 192.20 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

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सूखे से इन फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है 

सूखे से सभी तरह के फसल का नुकसान हुआ है लेकिन इन फसलों को मूंग, मोठ तथा बाजरे की फसलों को बहुत नुकसान हुआ है।

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