राजस्थान: कृषि,पशुपालन (डेयरी) तथा मछली पालन के लिए बजट इतना बढाया गया

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राजस्थान कृषि बजट 2019

राजस्थान कृषि बजट 2019

चुनावी वर्ष ही सही लेकिन देश के बजट में तथा अलग – अलग राज्यों ने बजट में किसानों को ध्यान रखा गया है | कृषि के अलग – अलग क्षेत्रों में बजट को बढाया गया है | कृषि  के अलग – अलग क्षेत्रों में बढाई गई राशि से हम यह कह सकते हैं की राज्यों के बजट में किसानों का ध्यान अधिक रखा जा रहा है | सभी सरकार ने डेयरी विकास पर विशेष ध्यान दिया है | इसका कारण यह है की किसानों की कुल आय में डेयरी का 30.8 प्रतिशत का योगदान रहता है , जो सबसे ज्यादा है | अगर कृषि तथा बागवानी को शामिल किया जाय तो दोनों का किसानों की आय में 34.5 प्रतिशत का योगदान है | जिसमें बागवानी 17.2 प्रतिशत तथा कृषि 17.3 प्रतिशत क्रमश: है | इसलिए प्रत्येक सरकार ने कृषि के अलावा डेयरी तथा मछलीपालन, बागवानी पर भी उतना ही ध्यान दिया गया है |

कुछ राज्यों ने तो डेयरी में दिए जाने वाले दूध के ऊपर 2 से 5 रूपये का सब्सिडी भी दिया है | जिससे किसानों को आय में वृद्धि होगी | इस वर्ष के कृषि बजट में डेयरी पर सबसे ज्यादा राजस्थान सरकार ने ध्यान दिया है  तथा कृषि बजट को में अत्यधिक वृद्धि की गई है |

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पशुपालन

राजस्थान सरकार वर्ष 2019 – 20 में किसानों के लिए 3214.15 42 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया है | यह रकम पिछले वर्ष 2802.4633 करोड़ रूपये से बहुत ज्यादा है | यह रकम राजस्थान के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट है | इस वर्ष किसानों के लिए डेयरी तथा मछली पालन के लिए अच्छा रहेगा | पहले राज्य सरकार ने किसानों के लिए दूध उत्पादक किसानों को  2 रुपया प्रति लीटर अनुदान देने की घोषणा किया है तो दूसरी तरफ किसानों के लिए बजट में 220 करोड़ रूपये का प्रवधान किया है | महाराष्ट्र के बाद राजस्थान दूध पर सब्सिडी देने वाल राज्य बनगया है | इससे पशुपालन करने वाले किसानों को सब्सिडी अत्यधिक दिया जा सकता है | डेयरी पर पिछले वर्ष 39.1316 करोड़ रूपये का प्रवधान था |

मछलीपालन

देश में मछली 1.4 करोड़ लोगों को नौकड़ी देती है , यह किसानों के आमदनी के साथ नौकरी देने वाला क्षेत्र हैं | इस वर्ष केंद्र सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालन तथा मछलीपालन को जोड़ा है | इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इन दोनों पर 2 प्रतिशत का ब्याज में सब्सिडी दिया है | समय पर लोन चुकाने पर 3 प्रतिशत का अतरिक्त सब्सिडी है | इसका मतलब यह है की सरकार यह समझ रही है कि किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए पशुपालन तथा मछली पालन को बढ़ावा देना होगा | इसको ध्यान में रखते हुये राजस्थान सरकार ने मछली पालन के लिए पिछले वर्ष के बजट में 14.95 करोड़ रुपया से बढाकर 17.32 करोड़ रुपया कर दिया है | जो की लगभग 2.5 करोड़ रुपया ज्यादा है |

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वानिकी

वानिकी तथा वन्य प्राणी एक एसा क्षेत्र है जिसे वर्षों से किसान अपनाते आ रहें है | इस क्षेत्र को सरकार बढ़ाना चाह रही है क्योंकि इससे किसानों को कम लागत में अच्छी आमदनी आती है इसके साथ ही प्र्यव्र्सन को बढ़ावा मिलता है | इस क्षेत्र का भी योगदान उतनाही है जितना की आनाज आधारित कृषि का है |

कुल मिलाकर वर्ष 2019 – 20 किसानों के लिए अच्छा रहने वाला है | एक तरफ किसानों का लोन माफ़ हो रहा है तो दूसरी तरफ किसानों को आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि में बजट को बढाया जा रहा है | पर यह भी देखना होगा की क्या सरकारें बजट में दी गई राशि को खर्च भी करती है या सिर्फ चुनावी घोशनाएँ ही बनकर रह जाती है |

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