1 अक्टूबर से 3000 केन्द्रों पर 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर

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अक्टूबर से 3000 केन्द्रों पर 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किया जायेगा

धान उत्पादन करने वाले किसानों के लिए वर्ष 2018 – 19 में केंद्र सरकार ने धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य 1750 रु. / क्विंटल रखा है | यानि पिछले वर्ष के न्यूनतम समर्थन मूल्य से 200 रुपया/क्विंटल अधिक है | ग्रेड – ए  के धान का मूल्य 1770 रु./कुंतल निर्धारित किया गया है | यह योजना पुरे देश में लागु है तथा योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने – अपने राज्यों में पंजीकरण करना जरुरी है |

खरीदी कब से कब तक

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने प्रदेश के किसानों के लिए 1 अक्टूबर से 3000  केन्द्रों पर धान की खरीदी करने जा रही है | इस खरीदी केंद्र पर वे सभी किसान शामिल हो सकते है जो उत्तर प्रदेश सरकार के पास पंजीयन हुआ है | तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठा सकते है | धान क्रय निति के तहत लखनऊ सम्भाग के जनपद, सीतापुर, लखीमपुर तथा सम्भाग बरेली बरेली, मुरादबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ तथा झाँसी में धान क्रय की अवधि 01 अक्तूबर से जनवरी, 2019 तक तथा लखनऊ सम्भाग के जनपद लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव व हरदोई, चित्रकूट, कानपूर, फैजाबाद, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर एवं इलाहाबाद मण्डलों में 01 नवम्बर 2018 से 28 फरवरी, 2019 तक धान की खरीदी की जाएगी |

धान क्रय के लिए केन्द्र परत: 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खोले जायेंगे | जिलाधिकारी, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार क्रय केंद के खुलने एवं बन्द करने के समय में आवश्यक परिवर्तन कर सकेंगे | किसानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से रविवार एवं राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर शेष कार्य दिवसों में धान केंद्र खुले रहेंगे |

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जिलाधिकारी केन्द्रों पर धान की आवक व लक्ष्यपूर्तिके दृष्टिगत में धान केन्द्र खुले रहेंगे | जिलाधिकारी केन्द्रों पर धान की आवक व लक्ष्यपूर्ति के दृष्टिगत अवकाश के दिनों में भी धान क्रय करा सकेंगे | धान क्रय निति के अनुसार इस वर्ष प्रदेश के लिए 50 लाख मीट्रिक टन धान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है | यदि निर्धरित अवधि में क्रय केन्द्रों पर धान की आवक बनी रहती है, तो किसानों के हित को देखते हुये लक्ष्य से अधिक धान क्रय किया जायेगा | खरीफ विपणन वर्ष 2018 – 19 के लिए 3000 क्रय केन्द्र खोला जाना प्रस्तावित है |

केन्द्रों का निर्धारण एवं चयन

क्रय केन्द्रों का निर्धारण एवं चयन जिलाधिकारी द्वारा इस प्रकार किया जाएगा कि कृषक को अपना धान विक्रय करने हेतु 08 किमी से ज्यादा दुरी न तय करनी पड़े | क्रय सत्र में 100 मी. टन से कम खरीदी की संभवना वाले क्षेत्र में विकास खंड स्तर पर अधिकतम एक केंद्र ही खोला जायेगा | उन क्षेत्रों में क्रय केंद्र मुख्य रूप से स्थापित किए जायेगा , जहां धान की अच्छी आवक होती है | क्रय स्थल निर्धारण हेतु मंडी, उपमंडी, एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब से मुख्य मार्ग के समीप सार्वजनिक स्थल आदि को प्राथमिकता डी जायेगी, ताकि किसान आसानी से वहां पहुँच सकें |

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समस्याओं का निवारण

क्रय निति के अनुसार धान खरीदी केंद्र पर बैनर के माध्यम से धान का समर्थन मूल्य, क्रय संस्था व क्रय केंद्र का नाम, शिकायतों का पंजीकरण टोल फ्री नं. – 18001800150 , क्रय केंद्र प्रभारी, जनपद स्तरीय अधिकारी, जिला खाध विपणन अधिकारी तथा up जिलाधिकारी का नाम व मोबाईल नंबर, गुणवत्ता के मानक, सम्बन्धित बैंक का नाम, जहां से भुगतान लेना है, आदि सूचनाएं अंकित की जाएंगी |

भारतीय खाध निगम को छोड़कर पुर्न भुगतान के आधार पर अन्य क्रय एजेंसियों को कस्टम माइल्ड राइस (सी.एम.आर.) हेतु जुट का न्य बोरा खाध विभाग द्वारा दिया जाएगा | न्य जुट बोरा केवल कस्टम माइल्ड चावल भरने हेतु दिया जायेगा | लेकिन क्रय धान की मात्रा का कम से कम 50 प्रतिशत धान एसे नये जुट बोरों में भरा जायेगा | जिससे बाद में चावल भरके भारतीय खाद निगम भेजा जायेगा |

धान खरीदी के दौरान किसानों को धान के समर्थन मूल्य के साथ 300 रुपये बोनस

नोट: – सभी क्रय एजेन्सियों द्वारा धान के मूल्य का भुगतान आनलाइन आर.टी.जी.एस. के माध्यम से धान खरीदी के 72 घण्टों के अन्दर किया जाएगा |

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