सोयाबीन एक सेहतकारी फसल, जाने इसके उपयोग

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सोयाबीन एक सेहतकारी फसल, जाने इसके उपयोग

बनाने की विधि

सोयाबीन के दानों को मशीन को साफ कर छिलका हटाकर तिन गुना स्वच्छ जल में 30 मिनट तक उबाला जाता है तथा स्वच्छ्तापुर्वाक सुखाने के पशचात पिस लिया जाता है | यह प्रसंस्करण प्रक्रिया पूर्णत: रसायन मुक्त है | अत: सोयाबीन के सभी स्वास्थ्यवर्धक गुण सोया आटा में विधमान रहते हैं |

उपयोग कैसे करें

सोया आटा का उपयोग विभिन्न खाद्ध पदार्थों की पौष्टिकता बढ़ाने हेतु किया जाता है | इनमें से कुछ खाद्ध पदार्थों को तैयार करने की विधि निम्न प्रकार से हैं |

चपाती, पराठा व पूरी 

सोया एवं गेंहू के आटे के 1:9 अनुपात से बने मिश्रण को आवश्यकतानुसार उपयोग कर सामान्य विधि से चपाती, पुड़ी एवं पराठा आसानी से तैयार किया जा सकता है | सोया आटे के उपयोग से इन खाद्ध पदार्थों की पोष्टिकता तो बढ़ती ही है साथ ही ये अधिक समय तक ताजे व नरम बने रहते हैं |

पकोड़े 

सोयाआटे एवं बेसन को 1:3 के अनुपात में मिलाकर अन्य सामग्री (स्वादानुसार) के साथ सामान्य विधि द्वारा पकोड़े बनाने हेतु प्रयोग में लाया जा सकता है | तैयार पकोड़े स्वादिष्ट और पोष्टिक  होते हैं |

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समोसा 

सोया आटे एवं मैदे को 1:9 अनुपात में मिलाकर सामान्य विधि से अन्य सामग्री अपनी रूचि के अनुसार अन्य सामग्री को प्रयोग करते हुए पौष्टिक समोसे तैयार किए जा सकते है |

केक 

सोया आटे एवं मैदे को 1:9 अनुपात में मिलाकर सामान्य विधि से अन्य सामग्री अपनी रूचि के अनुसार मिलाते हुए केक, ओवन में 180 डिग्री सेल्सियस पर 18 मिनट में सेंककर तैयार किये जा सकते है | ए अधिक पौष्टिक व स्वादिष्ट होते है |

अन्य 

सोया आटे के दो तिन चम्मच, दालों को अधिक पौष्टिक करने के लिये उपयोग में ला सकते हैं | सोयाआटा को इडली, डोसा के आते में भी मिलाकर रुचिकर एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार किये जा सकते हैं |

नोट

बनाने की तिथि से दो – तिन माह के अंदर उपयोग अति उत्तम हैं | यथासम्भव खुला न रखें |

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