किसान अब अनुदान पर यहाँ से खरीद सकेंगे प्रमाणित एवं उन्नत बीज

7
19118
certified seed buy rajasthan

प्रमाणित एवं उन्नत बीजों की अनुदान पर खरीद

अधिक उत्पादन तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए उन्नत एवं प्रमाणित बीज मिलना जरुरी है | इसके लिए यह जरुरी है की राज्य सरकार किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध करवा सके | केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न एजेंसीयों के द्वारा किसानों को अच्छी किस्म के प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध किये जाते हैं | इस बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान राज्य सरकार ने किसानों ग्राम सेवा सहाकरी समितियों एवं क्रय विक्रय सहकारी समितियों में प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है जिससे राजस्थान कृषि विभाग अनुदान पर प्रमाणिकृत बीज का फायदा किसानों को मिल सके एवं बीज की कालाबाजरी जैसी संभावना पूर्णतया समाप्त किया जा सके | 

राज्य के सहकारिता सचिव श्री नरेश गंगवार सहकारिता एवं कृषि विभाग के अधिकारीयों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर हे थे | उन्होंने ने निर्देश दिये कि राजस्थान बीज निगम के माध्यम से बीज की आपूर्ति सहकारिता संस्थाओं को की जाएँ |  उन्होंने बताया कि बीज उत्पादन के लिए भी ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं करी विक्रय सहकारी समितियों को तैयार किया जाएगा | इसके लिए बीज निगम एवं सहकारी समितियों के मध्य एमओयू किया जाएगा |

यह भी पढ़ें   13 लाख किसानों को दिया गया 2,261 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम

सहकारी समितियों में बनाये जाएंगे वेयरहाउस

किसानों द्वारा उत्पादन किया जा रहा है लेकिन उत्पादन अनुरूप आय में अंतर होने से किसानों को उनके द्वारा किये जा रहे उत्पादन का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है | कृषि प्रोसेसिंग में योगदान कम होने के कारण किसान पूर्णतया लाभान्वित होने से वंचित है |

सहकारी समितियों में वेयरहाउस निर्माण, प्लेज ऋण की सुविधा से जोड़ा जाए तथा आर्गेनिक उत्पादों को सहकारी समितियों से लिंक कर किसान को वास्तविक फायदा दिलाया जाए | उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को खाद – बीज के व्यवसाय से उपर उठाना होगा तथा उन्हें व्यवसायिक खरीद के रूप में विकसित कर वेयर हॉउस को मण्डी सबयार्ड के रूप में दर्जा दिलाने हेतु समितियों को आगे लाना होगा |

किसान को उपज बेचने की खेत एवं गाँव के पास नजदीक व्यवस्था मिल सके इसके लिए केवीएसएस को वेयरहॉउस से लिंक किया जाएगा | राज्य कि जीएसएस एवं केवीएसएस को बड़े कस्टम हायरिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा | इसके साथ ही सहकारी समितियों में प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए जिलेवार ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं करी विक्रय सहकारी समितियों का चयन किया जाए ताकि सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान का लाभ मिल सके एवं कृषि निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके |

यह भी पढ़ें   16-17 अप्रैल को इन जगहों पर तेज आंधी, बारिश के साथ हो सकती है ओलावृष्टि

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

7 COMMENTS

LEAVE A REPLY

अपना कमेंट लिखें
आपका नाम लिखें.