घर पर ही किसान आम की कलम एवं नर्सरी इस तरह तैयार करें

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Mango Grafting for Nursery

आम की कलम एवं नर्सरी तैयार करना

ऐसा कहा जाता है की फलों में राजा आम और आम का समय चल रहा है | आम एक ऐसा फल है जो एक बार बोने पर 30 से 40 वर्षों तक फल देता है | आम उत्पादन में कोई कमी नहीं आता है | सबसे बड़ी बात यह है की इसकी खेती में वार्षिक खर्च भी बहुत कम होता है तथा किसी भी मिट्टी में खेती किया जा सकता है | एक सभी फलों के पौधे उस फल के बीज से तैयार होते हैं लेकिन आम का पेड़ बीज से तैयार करने पर वह उस प्रजाति का पेड़ नहीं हो पाता है जिस प्रजाति का आम रहता है |

आम की प्रजाति के लिए पेड़ तैयार करने के लिए कलम विधि का प्रयोग किया जाता है | अक्सर किसान आम का पेड़ लगाने के लिए उसे नर्सरी से खरीद कर लाते हैं जो उन्हें 500 रुपया कीमत देकर खरीदनी पड़ती है | कभी – कभी आम के पौधे को किसी प्रजाति का कह कर नर्सरी वाले देते हैं और बाद में कोई और प्रजाति के पौधे निकाल आते हैं | किसान समाधान आम की घर पर नर्सरी तैयार करने की पूरी जानकारी लेकर आया है |

आम की नर्सरी के लिए क्या जरूरत पड़ेगी ?

आम की नर्सरी तैयार करने के लिए पहले यह चयन करना होगा की किस प्रजाति के आम की नर्सरी चाहिए | आम की नर्सरी तैयार करने के लिए आपके पास किसी भी आम के गुठली (बीज) से तैयार एक 6 माह का पौधा चाहिए | यह पौधा अगर गमले में तैयार किया गया है तो ज्यादा अच्छा रहेगा क्योंकि जब पौधे को खेत में बोना होगा तो आसान रहेगा लेकिन जरुरी नहीं है की पौधा गमले में ही तैयार किया जाय | इसके साथ एक टेप किसी भी तरह की पतली पालीथीन तथा एक तेज चाकू की जरुरत पड़ेगी |

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नर्सरी तैयार कैसे करें ?

आम की नर्सरी तैयार करने के लिए प्रजाति का चयन करना जरुरी होगा | ऐसा मान लेते हैं की किसान को मालदह (लंगड़ा) आम की पौधा तैयार करना है | इसके लिए मालदह आम के किसी भी तथा कहीं भी पेड़ से एक 2 फीट की शाखा (डाली) काट कर लाना है | इस बात का ध्यान रखना होगा की शाखा का रंग हल्का हरा ही होना चाहिए यानि शाखा ज्यादा पुरानी नहीं होना चाहिए | अब उस शाखा के सभी पत्तों को चाकू से काट दें | अब जो किसी भी आम के गुठली से तैयार पौधा जो 6 माह पुरानी हो उसकी ऊपर से काट दें |

इस बात का ध्यान रखें की गुठली से तैयार पौधा तथा मालदह आम के काट कर लाया हुआ शाखा दोनों की मोटाई एक समान होना चाहिए | अब जो पौधा गुठली से तैयार है जिसका की ऊपर का भाग को काट दिया गया है उस कटे हुये भाग को बीच से 3 से 4 से.मी. तक चाकू से काटे | इसके बाद जिस प्रजाति का पौधा तैयार करना है उसकी शाखा के एक सिरे को इस तरह से दो तरफ से छिले की गुठली वाले पौधे के कटे हुये भाग में आसानी से बीच में लगाया जा सके | शाखा के एक सिरे को भी 3 से 4 से.मी. तक ही दोनों तरफ से छिले |

शाखा के छिले हुये भाग को गुठली से तैयार पौधे के बीच में ऊपर से लगा दें | शाखा को इस तरह से लगाएं की बीच में कोई खाली जगह नहीं रहे तथा कटे हुये भाग तथा शाखा के छिले हुये भाग को एक दुसरे में समाहित कर दें | अब इस जुड़ाव पर पालीथीन को जुड़ाव से 6 से.मी. नीचे से बांधते हुये जुड़ाव से 6 से.मी. ऊपर तक बांधे | पालीथीन से जुड़ाव को दो से तीन बार लपेट कर बांधे | जिससे जुड़ाव पर 2 से 3 मिली. तक मोटाई हो जाये | अब उस पालीथीन के ऊपर किसी भी टेप को लपेट कर बांधे जिससे किसी भी तरह का कोई हवा उसके अन्दर नहीं जा सके | अब आम का कलम तैयार होने के लिए 2 माह तक छोड़ दें | इस बात का ध्यन रखें की जहाँ पर कलम तैयार कर रहें हैं वहां पर छांव कर दें |

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2 माह बाद

कलम लगाने के बाद दो माह तक उसी तरह छांव में छोड़ दें जिससे दो अलग – अलग शाखा को आपस में जुड़ाव हो जायेगा | एक माह के बाद ही आप देखेंगे की जो शाखा को बाहर से काट कर लायें थे उसमें नये पत्ते निकलने लगे हैं | इसका मतलब यह हुआ की दोनों आपस में जुड़ गए हैं | दो माह तक बंधे हुये भाग को नहीं खोले जिससे आपस में मजबूती के साथ बंध जाय | दो माह बाद बंधे हुये भाग को खोलकर देखेंगे तो दोनों भाग आपस में जुड़ गयें होंगे | अब आप उस पेड़ को खेत में बो सकते हैं | यह पेड़ उसी प्रजाति का होगा जिसकी शाखा को जोड़ा गया है |

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