पॉवर स्प्रेयर

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पॉवर स्प्रेयर

लगभग सभी प्रकार की फसलों पर कीट तथा बीमारियों का प्रकोप होता है। कभी-कभी इन बीमारियों के प्रकोप से पूरी फसल नष्ट भी हो जाती है। इसके अतिरिक्त पौधे की बढ़वार को खरपतवार से भी नुकसान होता है। कीट, बीमारियों एवं खरपतवार की रोकथाम के लिए विभिन्न प्रकार की दवाईयों का प्रयोग किया जाता है। ये दवाईयाँ पौधा संरक्षण यंत्र जिन्हें स्प्रेयर तथा डस्टर के नाम से जानते हैं, फसलों पर प्रयोग में लाई जाती हैं।

पौधा संरक्षण यंत्र द्वारा स्प्रे करने की विधि सामान्यतः तीन प्रकार की होती है

  1. हाई वालूम स्प्रे (400 ली0/हे0 से ज्यादा)
  2. लो वालूम स्प्रे (5 से 400 ली0/हे0)
  3. अल्ट्रा लो वालूम स्प्रे (5 ली0/हे0 से कम)

पॉवर स्प्रेयर

यह स्प्रेयर अधिकतर बड़े खेतों में दवा छिड़कने के कार्य में आता है। इसके प्रयोग से समय की बचत होती है तथा छिड़काव में खर्च भी कम आता है। यह इंजन या मोटर से चलता है। अधिकतर यह हाईड्रॉलिक टाइप का स्प्रेयर होता है। इसमें मुख्यतः पिस्टन (1-3) प्रेशर गेज, प्रेशर रेगुलेटर, एयर चेम्बर, सेक्शन पाइप, स्टेनर, निकास नली, लाँस, नोजल इत्यादि भाग होते है। इस स्प्रेयर में 20.7-27.6 कि.ग्रा./वर्ग से.मी. दाब उत्पन्न किया जा सकता है। इसमें आवश्यकतानुसार 4-6 निकास नली लगायी जा सकती है।

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विशिष्ट वर्णन

स्प्रेलैंस की संखया    –     4-6

डिसचार्ज (ली./मिनट) –     25

क्षमता (हे./घंटा)     –     0.2-0.3

दाब (कि.ग्रा./वर्ग से.मी.)-    20.7-27.6

प्रारम्भिक लागत (रु0)      –     40000/-

संचालन खर्च (रु0/हे0)      –     1200/-

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