प्याज की खेती पर किसानों को 12000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जायेगा अनुदान

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subsidy on onion farming

अनुदान पर प्याज की खेती

खरीफ सीजन में उद्यानिकी फसलों में प्याज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है | जिसके तहत अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा किसानों से आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं | उत्तरप्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश में उच्च कोटि के प्याज की खेती को बढ़ावा देने हेतु खरीफ एवं रबी फसलों में उच्च कोटि के प्याज बीज के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु वर्ष 2021-22 में किसानों के हित में कई लाभ दिए जा रहे हैं |

प्याज की खेती पर कितना अनुदान दिया जायेगा

उत्तरप्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश में उच्च कोटि के प्याज की खेती को बढ़ावा देने हेतु खरीफ एवं रबी सीजन में प्याज उत्पादक किसानों को अधिकतम 4 हेक्टेयर भूमि पर प्याज की खेती करने पर 12,000 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुमन्य अनुदान सीमा तक प्याज क्रय कर चयनित लाभार्थियों को अनुदान दिया जायेगा | शेष बीज की व्यवस्था चयनित संस्थाओं से कृषक द्वारा स्वयं अपने स्त्रोत से करनी होगी |

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प्याज की इन किस्मों की खेती पर दिया जायेगा अनुदान

इस समबन्ध में उद्यान विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री रामीरेड्डी द्वारा निदेशक उद्यान को निर्देशित किया गया है कि खरीफ एवं रबी मौसम में प्याज बीज की उपयुक्त प्रजाति एग्रीफाउंट डार्क रेड, भीमा सुपर, एल. 883 एवं एग्रीफाउंट लाइट रेड प्रजातियों हेतु राजकीय संस्थाओं द्वारा सूचित दरों पर अधिकतम 4 हेक्टेयर धनराशि 12,000 प्रति हे. की दर से अनुदान दिया जायेगा | प्याज बीज की गुणवत्ता के लिए सीधे जनपदीय उद्यान अधिकारीयों द्वारा राष्ट्रीय बागवानी अनुसन्धान एवं विकास प्रतिष्ठान, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी संघ (नैफेड) एवं नेशनल सीड कारपोरेशन से उनकी दरों पर क्रय चयनित लाभार्थी कृषकों को अनुमन्य अनुदान की सीमा धनराशी 12,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक उपलब्ध कराया जायेगा |

उल्लेखनीय है की किसानों के चयन में पारदर्शिता एवं समतुल्यता बनी रहे, इसके लिए किसानों को अनुदानित धनराशि किसानों को सीधे बैंक खातों में डी.बी.टी. के माध्यम से किया जायेगा | इसके लिए जनपद स्तर पर एक कमेटी का गठन किया जायेगा जिसमें जिलाधिकारी या उनके द्वारा नामित अधिकारी अध्यक्ष होंगे मंडल के उपनिदेशक, उद्यान सदस्य तथा जिला उद्यान अधिकारी, सदस्य सचिव होंगे | जिलास्तरीय गठित कमेटी की देख-रेख में योजना सम्बन्धी कार्य को सम्पादित किया जायेगा |

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