किसान न्याय योजना के तहत अब इस तरह करवाएं अपना पंजीकरण

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राजीव गाँधी किसान न्याय योजना हेतु पंजीयन

इस वर्ष खरीफ मौसम से “राजीव गाँधी किसान न्याय योजना” के तहत धान की खेती की जगह दुसरे फसलों की खेती करने पर किसानों को 10,000 रूपये की इनपुट सब्सिडी एवं धान की खेती करने वाले किसानों को 9,000 रुपये की इनपुट सब्सिडी दिए जाने का फैसला छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया है | योजना के तहत किसानों को पंजीकरण में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने दिशा निर्देशों में परिवर्तन किया है |

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की गाइडलाईन में हुए आंशिक संशोधन से राज्य के लाखों किसानों को फायदा होगा | इस योजना के तहत संयुक्त खातेदार किसानों को पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ सहमति सह-शपथ पत्र देने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है | छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को कचहरी और नोटरी के चक्कर तथा करोड़ो रूपए के अनावश्यक व्यय भार से राहत मिलेगी |

पंजीयन के लिए सिर्फ देना होगा स्वघोषणा पत्र

कृषि विभाग मंत्रालय द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की गाइडलाईन में आंशिक रूप से संशोधन कर किसानों को अब पंजीयन कराने के लिए शपथ पत्र देने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। संयुक्त खातेदार किसानों को अब पंजीयन के लिए सिर्फ स्वघोषणा पत्र देना होगा। संयुक्त खातेदार किसानों का पंजीयन नंबरदार के नाम से होगा। गौरतलब है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की जारी गाईडलाइन में संयुक्त खातेदार कृषकों के पंजीयन के लिए आवेदन पत्र के साथ समस्त खाताधारकों की सहमति सह-शपथ पत्र तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का प्रावधान रखा गया था, जिसे अब विलोपित कर दिया गया है।

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इन फसलों के लिए करवाना होगा पंजीकरण

छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी संशोधित आदेश के तहत राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे किसानों को जिन्होंने खरीफ वर्ष 2020-21 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया था, उन किसानों को योजनांतर्गत पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं है। खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो-कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को योजनांतर्गत पंजीयन कराना है। खरीफ वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया गया था, यदि वह उस रकबे में धान के बदले योजना में सम्मिलित अन्य फसल लगाता है, तो उसे योजनांतर्गत पंजीयन कराना होगा। किसान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लाभ के लिए 30 सितंबर तक पंजीयन करा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीयन के लिए संयुक्त खातेदार कृषकों को शपथ पत्र देने का प्रावधान इस योजना की गाइडलाईन में रखा गया था। शपथ पत्र बनवाने में किसानों को आ रही दिक्कत और अनावश्यक राशि खर्च होने का मामला जब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में आया तो उन्होंने कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे को योजना की गाइडलाईन में यथा संभव संशोधन कर किसानों को राहत देने के निर्देश दिए थे।

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