अब किसान 31 मई तक जमा कर सकेगें शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण

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शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण जमा करने की लास्ट डेट

कोविड-19 महामारी के चलते इस वर्ष भी देश के कई राज्यों में लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है | इस परिस्थिति को देखते हुए मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है | सरकार ने किसानों के द्वारा सहकारी बैंक से लिया गया फसली ऋण चुकाने की अंतिम तिथि को एक बार फिर बढ़ा है | जिससे किसानों को एक माह के लिए राहत मिली है किसान अब फसली ऋण का भुगतान 31 मई तक बिना किसी ब्याज के कर सकेगें |

रबी फसल की देर से खरीदी शुरू होने के करण सभी किसान अपनी रबी फसल को अभी तक बेच नहीं पाए हैं जिसके कारण किसानों के खातों में पैसा नहीं अभी पहुंचा नहीं है जिसके बाद सरकार ने फसल ऋण आदायगी की अंतिम तिथि को आगे बढाने का फैसला किया है |

सरकार पर आएगा 31 करोड़ रुपये का भार

मध्य प्रदेश राज्य सरकार के द्वारा किसानों को फसली ऋण चुकाने के डेट में 1 माह के वृद्धि करने से राज्य सरकार पर 31 करोड़ रूपये का भार आ रहा है | प्रदेश के किसानों के द्वारा फसली ऋण लेने के कारण 28 मार्च तक ऋण नहीं चुकाने से ब्याज लगना शुरू हो जाता है | कविड काल में 1 माह के ऋण अदायगी में छुट देने के कारण उस माह का ब्याज सरकार वहन कर रही है , जो 31 करोड़ रूपये हैं |

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पहले भी ऋण अदायगी का डेट 1 माह के लिए बढ़ाया गया है ?

फसली ऋण की अदायगी प्रत्येक वर्ष के 28 मार्च को किया जाता है | लेकिन कोविड–19 के कारण रबी फसल की खरीदी देर से शुरू होने के कारण ऋण आदायगी का डेट बढा दिया गया था | 28 मार्च से बढ़कर ऋण अदायगी का डेट 30 अप्रैल कर दिया गया था जिसे अब आगे बढाकर 31 मई कर दिया गया है |

सहकारी बैंकों से किसानों को दिया जाता है शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण

किसान क्रेडिट कार्ड के द्वारा राष्ट्रीय या निजी बैंकों से लिए गये ऋण पर 7 प्रतिशत के ब्याज दर पर ऋण दिया जाता है | किसान एक वर्ष के अंदर ऋण की अदायगी पर ब्याज पर 3 प्रतिशत का ब्याज में छुट दी जाती है जिससे किसानों को सिर्फ 4 प्रतिशत ब्याज दर पर ही ऋण का भुगतान करना होता है है वहीँ मध्य प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को सहकारी बैंक से शून्य प्रतिशत ब्याज पर खरीफ तथा रबी फसल के लिए ऋण देती है | यह ऋण समय पर अदायगी कर देने पर किसानों से किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं लिया जाता है |

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समय पर ऋण नहीं चुकाने पर लगता है 13 का ब्याज

किसानों के द्वारा सहकारी बैंक से ऋण प्राप्त करने पर समय नहीं चुकाने पर किसानों को भारी ब्याज लिया जाता है | समय पर किसानों के द्वारा ऋण नहीं देने पर वितरण से अंतिम तिथि के बाद 13 प्रतिशत की ब्याज दर पर भुगतान करना होता है | जिन किसानों ने अभी तक ऋण जमा नहीं किया है वह 31 मई से पहले जमा का शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना का लाभ ले सकते हैं |

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