इन जिलों के 71 हजार से अधिक किसानों को दिया जायेगा बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि का मुआवजा

7
75029
rabi fasal nuksan muawja

बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि का मुआवजा

पिछले वर्ष अधिक बारिश से जहाँ बाढ़ से किसानों की खरीफ फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था वहीँ उसके बाद रबी मौसम में लगातार असमय आंधी, बारिश एवं ओलावृष्टि के चलते किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था | रबी फसलों को हुए इस नुकसान में बीमित किसान एवं अबिमित किसान जिनका फसल बीमा नहीं है सभी का हुआ था | अभी तक किसानों को असमय हुई बारिश एवं ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं दिया गया है | अब राज्य सरकारों के द्वारा किसानों को फसल नुकसानी का मुआवजा दिया जाने लगा है | राजस्थान सरकार ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान कि भरपाई कर दी है | इसके लिए राज्य सरकार ने डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर रही है | ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान राजस्थान के बीकानेर तथा भरतपुर जिला के कुछ तहसीलों के किसानों को हुआ है |

अभी इन जिलों के किसानों को दिया गया मुआवजा

राजस्थान राज्य में फरवरी महीने के अन्तिम सप्ताह एवं मार्च के पहले सप्ताह में हुई ओलावृष्टि एवं बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित भरतपुर जिले की 06 तहसीलों के लिए मुआवजा राशि जारी कर दी गई है | यह तहसील इस प्रकार है :- भरतपुर, कुम्हेर, नदबई, डिग, नगर और रूपवास | इसके अलवा बीकानेर जिले के एक तहसील खाजूवाला के कृषकों को भी ओलावृष्टि का लाभ दिया गया है  |

यह भी पढ़ें   राजस्थान में समर्थन मूल्य पर चने एवं सरसों की खरीद सभी क्रय विक्रय सहकारी समितियों में होगी

71,661 किसानों को दिया जायेगा मुआवजा

ओलावृष्टि से प्रभावित भरतपुर तथा बीकानेर जिले के कुल 7 तहसीलों के किसानों को मुवाब्जा दिया गया है | भरतपुर के 71,661 कृषकों तथा बीकानेर के 150 किसान को सहायता राशि दी जा रही है | भरतपुर जिले के लिए 67.49 करोड़ रूपये एवं बीकानेर जिले के 150 किसानों के लिए 36.39 लाख रुपये जारी किये गए हैं | बीकानेर तथा भरतपुर जिले के 7 तहसीलों के किसानों को मुवाब्जा राशि डीबीटी माध्यम से प्रभावित पात्र कृषकों के बैंक खातों में हस्तानान्तरण कर दी गई है |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

7 COMMENTS

  1. कोटा जिले के किसानों को अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा कब तक प्राप्त होगा

    • यदि बीमा है तो फसल बीमा कंपनी से सम्पर्क करें | यदि नहीं है तो स्थानीय अधिकारीयों से बात करें |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here