Thursday, December 1, 2022

1 लाख से अधिक किसानों ने लिया बीजों की होम डिलीवरी का लाभ

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बीज वितरण एवं उर्वरक की उपलब्धता

अभी देश में रबी फसलों की बुवाई का काम ज़ोरों पर चल रहा है। ऐसे में फसलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाई जा सके इसके लिए सरकार द्वारा उन्नत किस्मों के बीज एवं खाद-उर्वरक किसानों को उपलब्ध करा रही है। इस बीच बिहार कृषि मंत्री श्री सर्वजीत द्वारा रबी मौसम में बीजों की आवश्यकता, बीजों की उपलब्धता, बीज वितरण की स्थिति तथा उर्वरक की आवश्यकता एवं उपलब्धता के सम्बंध में समीक्षात्मक बैठक की गई।

बिहार सरकार द्वारा इस वर्ष रबी सीजन में किसानों को विभिन्न फसलों के उन्नत किस्मों के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं साथ ही सरकार ने किसानों को बीजों की होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की है। जिसका लाभ राज्य के लाखों किसानों को दिया गया है। वहीं राज्य में विभिन्न उर्वरक की कमी को देखते हुए पर्याप्त आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है।

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4 लाख से अधिक किसानों को किया गया बीज वितरण

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समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग किसानों को रबी फसलों के बीज की आपूर्ति समय पर कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी तक राज्य के 4,23,369 किसानों के बीच 1,30,992 क्विंटल विभिन्न रबी फसलों के बीज का वितरण किया जा चुका है, जो कि जिलों को आपूर्ति किये गये बीज का 62.94 प्रतिशत है। उसमें से राज्य के 1,28,881 किसानों को 99,676 क्विंटल गेहूं की बीज उपलब्ध कराए जा चूके है। किसानों को बीजों की होम डिलीवरी भी की जा रही है, राज्य के 1,44,878 किसानों के बीच 46,182 क्विंटल बीज की होम डिलीवरी की गई है, जो कुल बीज वितरण का 35.23 प्रतिशत है।

माँग के अनुसार उर्वरक आपूर्ति में कमी

राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि अक्टूबर, नवंबर तथा दिसम्बर माह में रबी फसलों की बुवाई की जाती है, जिसमें किसानों को उर्वरकों की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। परन्तु भारत सरकार द्वारा इस अवधि में बिहार को आवश्यकता से कम मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है, जिसके कारण बिहार के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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नवंबर माह में आज तक यूरिया की कुल आवश्यकता 2,55,000 मीट्रिक टन के विरुद्ध मात्र 89,885.42 मीट्रिक टन (37 प्रतिशत), डी.ए.पी. की कुल आवश्यकता 1,22,300 मीट्रिक टन के विरुद्ध 79,918.95 मैट्रिक टन (70 प्रतिशत), एन.पी.के. की कुल आवश्यकता 58,300 मैट्रिक टन के विरुद्ध 17,473.95 मैट्रिक टन (14 प्रतिशत) की आपूर्ति की गई है। कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की कम आपूर्ति को लेकर भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को पत्र के माध्यम से अवगत कराने के लिए कहा है। 

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