मोदी सरकार का अंतिम बजट हो सकता है किसानों के लिए खास

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मोदी सरकार कल करेगी अपना अंतिम बजट पेश

1 फ़रवरी 2019 को आने वाले  बजट मोदी सरकार की अंतिम बजट होगी | इसके पहले 4 बजट आ चुके हैं जिसमें किसानों के लिए बहुत सारी योजना को चालू किया गया है | जिसमें वर्ष 2016 में शुरू की गई  प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना है | कल जो बजट आने वाला है यह इस सरकार की अंतिम बजट होगा | यह बजट पूर्ण बजट नहीं होगा बल्कि केवल मई 2019 तक ही मान्य होगा | इसलिए इस बजट को अंतरिम बजट कहते हैं | इस बजट पर सब की निगाहें हैं क्योंकि इस बजट के बाद सरकार जनता के बीच चुनाव में जायेगी | ऐसा माना जा रहा है की यह अंतिम बजट किसानों का ही होगा| जिसमें सरकार किसानों तथा मजदूरों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करेगी |

इसलिए किसान समाधान किसानों के लिए बजट में क्या हो सकता है इसकी संभावना लेकर आया है |

किसानों को सीधे पैसा स्थान्तरण करना :-

तेलंगाना सरकार ने वर्ष 2018 में अपने किसानों को प्रतिवर्ष 8,000 रुपया बैंक खतों में ट्रांसफर कर रही है | जिसके बाद देश में एक माहौल बन गया है की किसानों को उसके बैंक खतों में कुछ पैसा स्थान्तरित किया जाए | जिसके बाद पक्षिम बंगाल, झारखंड तथा उड़ीसा सरकार ने यह घोषणा कर दिया है की अपने राज्य के किसानों को वर्ष में एक बार प्रति एकड़ पैसा देगी | जिसमें झारखंड सरकार खरीफ फसलों की खेती पर 5,000 रुपया प्रतिवर्ष, उड़ीसा सरकार ने 10,000 रुपया सभी किसानों को देने की घोषणा किया है | जिसमें गैर भूमि वाले किसानों को भी देने की घोषणा किया है | इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने भी अपने किसानों को 10,000 रुपया खातों में देने की घोषणा की है | इसको देखते हुये तेलंगाना सरकार ने 8 हजार की जगह 10 हजार रुपया कर दिया है |

यह एक एसे मुद्दा है जिससे किसान खुश है | इसको लेकर यह अटकले लगाई जा रहा है की केंद्र सरकार अपनी अंतिम बाजार में किसानों को प्रति एकड़ पैसा सीधे खातों में देगी | इसमे एक बात यह समझने वाली है की यह पैसा पहले से चली आ रही सब्सिडी को बंद कर के दिया जायेगा या सब्सिडी के बाद दिया जायेगा | अगर सब्सिडी बंद कर के दिया जायेगा तो कोई फायदा नहीं है |

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किसानों के लिए कृषि कर्ज बढाया जा सकता है : –

इसमें एसी कोई नई बात नहीं रहेगी की किसानों को कृषि कर्ज को बढाया जायेगा | क्योंकि यह लगातार वर्ष दर वर्ष बढ़ रहा है | वर्ष 2017 – 18 में 10 लाख करोड़ रुपया था तो वर्ष 2018 – 19 में 11 लाख करोड़ रुपया हो गया है | लेकिन यहाँ पर एक बात पर ध्यान देने की है की पहले किसानों पर कर्ज रहने के कारण बैंक दुबारा कर्ज नहीं देती थी | लेकिन इस वर्ष तीन राज्यों में लोन माफ़ी के कारण किसानों को दुबारा लोन मिल सकता है | इसलिए कृषि कर्ज बढ़ाने से किसानों को फायदा होगा |

लोन माफ़ी :-

इसकी संभावना कम ही है इसी वर्ष प्रधानमंत्री मंत्री ने एक इन्टरव्यू में इस संभावना को खत्म कर दिया था | जिससे इसकी उमीद कम लगती है | इसके बाबजूद भी चुनाव को लेकर सरकार से उमीद रहेगी | लेकिन एक संभावना और भी है की किसानों पर लोन के ब्याज में सब्सिडी को बढाया जायेगा | अभी 3 प्रतिशत की सब्सिडी मिलता है जो एक वर्ष के लोन पर लागु रहता है |

जानिए क्या कहा था प्रधानमंत्री ने अपने इन्टरव्यू में 

प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का दायरा बढ़ना :-

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जब से लागु किया गया है उसके बाद के वर्ष से लगातर बढाया जा रहा है | जहां वर्ष 2016 – 17 में 7000 करोड़ का था वही वर्ष 2017 – 18 में बढ़कर 9,000 करोड़ रुपया हो गया | पिछले वर्ष इसकी दायरा बढ़कर 13,000 करोड़ रुपया हो गया था | इस वर्ष एसे संभावना है की किसानों के लिए प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना का दायरा 13,000 करोड़ रुपया से बढ़ सकता है |

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लेकिन इस योजना में सबसे बड़ी कमी यह है की किसानों से प्रीमियम तो लिया जाता है लेकिन फसल की नुकसानी पर कंपनी भुगतान नहीं करती है | वर्ष 2018 में किसानों को हुये प्रदर्शन से केंद्र सरकार ने फसल बीमा योजना पर विचार शुरू कर दिया है | इससे संभावना यह भी है की इस योजना के नियम में बदलाव किया जायेगा |

उत्पादन लागत का डेढ़ गुना मूल्य देना :-

किसानों की यह प्रमुख्य मांग है , जिसको लेकर वर्ष 2014 का चुनाव भी लड़ा गया था | उस चुनाव में खुद प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा किया था | लेकिन 5 वर्ष बीतने के बाजूद भी इसे अभी तक लागु नहीं किया गया है | इस बार एसी संभवना है की किसानों के फसल के उत्पादन लागत का डेढ़ गुना किया जायेगा | लेकिन यहाँ पर इस बात का ध्यान रखना होगा की सरकार फसल का वास्तविक मूल्य देगा या फिर सरकार किसानों के खतों में एक मुश्त पैसा दिया जायेगा  |

गन्ना किसानों की बकाया के लिए सरकार फंड जारी करे :-

 देश में गन्ना किसानों की संख्या लगभग आधे राज्यों में है और सब की एक ही मांग है की चीनी मिल किसानों का भुगतान कर दे | हो सकता है की सरकार एक फंड बनाकर गन्ना मीलों को पैसा देगी जिससे किसानो को भुगतान किया जायेगा |

नई योजना की शुरुआत :-

अंतिम बजट होने के कारण सरकार किसानों के लिए कुछ योजना की शुरुआत कर सकती है | जैसे सिंचाई, फसल को बेचने के लिए बाजार उपलब्ध करना , नहर परियोजना को शुरू करना बीज तथा खाद की उपलब्धता और सब्सिडी को बढ़ाना इत्यादी |

एक बात यह भी ध्यान देने की जरुरत है की अगली सरकार जब मई में आयेगी तो वह अपना एक बजट लाएगी उसमें भी किसानों से किये हुये वादे को पूरा करने के लिए योजनाये तथा कर्ज में छूट दे सकती है |अब कल तक का इंतजार करना होगा | जिससे बजट पर से पर्दा उठ जायेगा |

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