मधुमक्खी पालन को कृषि एवं बागवानी आधारित व्यवसाय बनाने के लिए दीर्घकालीन प्रशिक्षण

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वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन को कृषि एवं बागवानी आधारित व्यवसाय बनाने के लिए दीर्घकालीन प्रशिक्षण

किसानों की आय को दोगुना करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन को कृषि एवं बागवानी आधारित व्यवसाय को बढ़ावा देने का निर्णय उत्तरप्रदेश सरकार ने लिया है | इसके लिए उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तरप्रदेश द्वारा मौनपालन (मधुमक्खी पालन) प्रशिक्षण केन्द्रों पर दीर्घकालीन प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है | सभी इच्छुक किसान यह प्रशिक्षण इन केन्द्रों पर ले सकते हैं |

प्रदेश में अधिकतर लघु एवं सीमांत किसान हैं जो परंपरागत खेती के जरिये अपनी आय नहीं बढ़ा पा रहे हैं | किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य ऐसे अनुपूरक उद्यान व्यवसाय अपनाये जाने की आवश्यकता है,जिनमें भूमि की ज्यादा जरुरत न हो | मौन पालन (मधुमक्खी पालन) प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 16 सितम्बर से 15 दिसम्बर तक तीन माह (90 दिनों के लिए ) का प्रशिक्षण सत्र जनपद सहारनपुर,बस्ती, इलाहाबाद, में प्रशिक्षण केन्द्रों पर आरम्भ किया जा रहा है | यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निः शुल्क है, इसके लिए किसानों को किसी भी तरह का कोई भुगतान नहीं करना है | पर जो भी किसान इसमें निः शुल्क भाग लेना चाहते हैं उन्हें अपने रहने एवं खाने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी |

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प्रशिक्षण में भाग किस तरह ले सकते हैं

इस प्रशिक्षण मैं सभी उम्र (आयु ) के पुरुष एवं स्त्री भाग ले सकते हैं | प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण होना  है | मौन पालन (मधुमक्खी पालन) प्रशिक्षण में भाग लेने वाले इच्छुक अभ्यर्थी सयुंक निदेशक, उद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र, सहारनपुर/ सयुंक निदेशक, औद्यनिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र बस्ती तथा अधीक्षक राजकीय उद्यान, इलाहाबाद से संपर्क कर निर्धारित प्रारूप पर दिनांक 16 सितम्बर,2018 तक आवेदन कर सकते हैं | साथ ही आवेदन पत्र के साथ दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों या राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रदत चरित्र प्रमाण-पत्र सलग्न करना आवश्यक है |

मधुमक्खी पालन हेतु सरकार द्वारा दिया जाने वाला अनुदान

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