टिड्डी कीट नियंत्रण के लिए किसानों को फ्री में दिए जा रहे हैं कीटनाशक, सरकार ने बनाये सहायता केंद्र

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किसानों को टिड्डी कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशक

रबी फसलों पर टिड्डी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है | इससे पहले ठंड बढ़ने पर टिड्डी का नियंत्रण हो जाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है |राजस्थान राज्य सरकार ने टिड्डी के नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की गई है कि टिड्डी के नियंत्रण के लिए पाकिस्तान, ईरान तथा अफगानिस्तान से बात करें क्योंकि टिड्डी इन्हीं देशों से आ रहें हैं और वहां पर नियंत्रण करना जरुरी है |

राजस्थान सरकार ने 50 से अधिक टिड्डी नियंत्रण वाहन जिलों में भेजें हैं जहाँ पर टिड्डी का प्रकोप है | जैसलमेर में केवल 20 गाड़ी दी गई है | इसके अतिरिक्त 10 अन्य गाड़ियों की मांग की गई है | टिड्डी कीट के प्रकोप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार की पूरी कोशिश के बाद भी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है |

टिड्डी पर नियंत्रण को गति देने के लिए कलेक्टर, राजस्व तथा प्रशासनिक अधिकारीयों सहित संबंधित विभागों के अधिकारीयों की बैठक कर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है |राज्य सरकार ने टिड्डी के नियंत्रण के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया है | जहाँ पर किसान कभी भी इसकी सुचना दे सकते हैं तथा कीटनाशक को फ्री (मुफ्त) कर दिया गया है | किसान समाधान इसकी पूरी जानकारी लेकर आया है | जिसमें कीटनाशक कहाँ से प्राप्त कर सकते हैं तथा सभी तहसील और जिला स्तर पर सुचना कहाँ दे सकते हैं ?

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कीटनाशकों पर दुगना अनुदान अर्थात 100 फीसदी 

जिला कलेक्टर के अनुसार राज्य सरकार ने जिले में टिड्डी नियंत्रण के लिए पौध संरक्षण रसायनों पर अनुदान की राशि को बढ़ाकर दोगुना कर दी है | अब पौध संरक्षण रसायनों की वास्तविक लागत या अधिकतम 1000 रूपये प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) देय होगा | एक किसान को अधिकतम 2 हैक्टेयर तक के लिए अनुदान देय है | किसानों द्वारा खरीदे गये कीटनाशकों का पूरी अनुदान राशि बाद में वापस किसानों के खाते में जमा हो जाएगी | इस तरह दवाईयों का सौ फीसदी सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा  |

टिड्डी नियंत्रण के लिए किसान इन कीटनाशकों का उपयोग करें

कलेक्टर ने आह्वान किया है कि वे अपने नजदीकी ग्राम सेवा सहकारी समितियों से अनुदान पर पौध संरक्षण रसायन

  1. क्लोरोपायरीफास 20 ईसी (1200 एमएल प्रति हैक्टेयर)
  2. 50 ईसी (480 एम एल प्रति हैक्टेयर)
  3. मैलाथियोन 50 ईसी (1850 एम एल प्रति हैक्टेयर)

प्राप्त कर 300 से 400 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हैक्टेयर छिडकाव कर अपनी फसलों को टिड्डियों से बचाएं | 

पौध रसायन (कीटनाशक) यहाँ से लें

यह पौध संरक्षण रसायन जैसलमेर उपभोक्ता भंडारण सहित चंधार, देवीकोट, सांगडा, लाठी, लोहारकी, रामगढ़ , 2 पीटीएम, मोहनगढ़ एवं तेजपाला ग्राम सेवा सहकारी समितियों से प्राप्त कर सकते हैं | इन सभी पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है |

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टीडी कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशक लेने हेतु आवश्यक दस्तावेज ?

राज्य सरकार के तरफ से जारी गाईड लाइन के अनुसार किसानों को कीटनाशक प्राप्त करने के लिए  इन सभी दस्तावेज अपने साथ रखना होगा (या फोटोकापी जमा किया जायेगा)

  1. किसान जमाबन्दी
  2. आधार कार्ड
  3. पासबुक की छायाप्रती

के साथ ग्राम सेवा सहाकरी समिति पहुंचकर वहां उपस्थित कृषि पर्यवेक्षक से परमिट प्राप्त कर वहीं से पौध संरक्षण दवाइयां प्राप्त कर सकते हैं | अनुदान राशि डीबीटी से किसानों के खाते में जमा हो जाएगी |

टिड्डी कीट होने पर यहाँ कॉल करें

नियंत्रण के लिए राजस्थान सरकार ने नियंत्रण कक्ष की शुरुआत किया है | इसके साथ किसानों की सुविधा के लिए मोबाईल नंबरजारी किये गए है, यह नंबर इस तरह है |

  1. टिड्डी नियंत्रण विभाग के नियंत्रण कक्ष का नंबर – 02992 – 252161
  2. कृषि विभागीय नियंत्रण कक्ष का नंबर (जैसलमेर) – 02992 – 252636
  3. विभाग के तहसील स्तरीय सहायक कृषि अधिकारीयों के वहां स्थापित नियंत्रण कक्षों के नंबर –
  • फतेहगढ़ (मोहनलाल) – 9001766060,
  • सम (ओमप्रकाश) – 7568152030,
  • जैसलमेर (धर्मेन्द्र कुमार) – 7737646768,
  • पोकरण (मदन सिंह ) – 941446956,
  • मोहनगढ़ व रामगढ़ (दिलीप सिंह) – 9636008005
  1. जिला स्तर पर कलक्ट्री में संचालित नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर – 02992 – 250082

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