जानें भावान्तर भुगतान योजना का पूरा गणित

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जानें भावान्तर भुगतान योजना का पूरा गणित

भावान्तर योजना क्या है ? इससे किसानों को क्या लाभ होता है इस योजना के अंतर्गत किसानों को किस चीज़ का अंतर दिया जाता है एवं इसका निर्धारण किस प्रकार होता है ? आइये जानते हैं भावान्तर योजना का पूरा गणित

भावांतर की गणना किस प्रकार होती है

किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी।

एम.एस.पी. और 3 राज्य की दरों में अंतर (मध्यप्रदेश शामिल)

एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिये नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की और सभी कलेक्टर को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिये भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये। इस अवधि के लिये तालिकानुसार दरें प्रभावी होंगी।

मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश एवं अन्य दो राज्यों की मॉडल मंडी दरों का औसत होता है एवं यह 1/3, 1/3, 1/3 से किया जाता है

  1. यदि विक्रय दर एम.एस.पी. से अधिक या बराबर हो तो = योजना में कोई लाभ नहीं
  2. यदि विक्रय दर एम.एस.पी. से कम पर माडल विक्रय दर से अधिक हो = एम.एस.पी. तथा किसान के वास्तविक विक्रय मुल्य के अंतर की राशी देय होगी
  3. यदि विक्रय दर माडल विक्रय दर से कम हो = एम.एस.पी. तथा माडल विक्रय दर के अंतर की देय राशी
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उदाहरण के तौर पर

सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.)= 3050 रुपये

माडल विक्रय दर = 2640 रुपये

  • मान लेते हैं यदि किसान सोयबीन 3050 रुपये की दर से या अधिक में विक्रय करता है तो उसे योजना कोई लाभ नहीं मिलेगा
  •  किसान द्वारा एम.एस.पी. से कम पर माडल विक्रय दर से अधिक जैसे 2850 रुपये क्विंटल की दर से बेचीं तब किसान को 200 रुपये प्रति क्विंटल दिए जायेंगे
  • यदि किसान द्वारा सोयाबीन माडल विक्रय दर 2640 रुपये प्रति क्विंटल से कम दर पर बेचीं तब किसान को 410 रुपये प्रति क्विंटल दिए जायेंगे

एम.एस.पी. और 3 राज्य की दरों में अंतर

एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिये नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की और सभी कलेक्टर को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिये भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये। इस अवधि के लिये तालिकानुसार दरें प्रभावी होंगी।

3 राज्य की दरों में अंतर

क्र फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य मॉडल रेट दिनांक 16 से 30 अक्टूबर अंतर राशि मॉडल रेट दिनांक 1 से 30 नवम्बंर अंतर राशि
1. सोयाबीन रू. 3,050 रू. 2,580 रू. 470 रू. 2,640 रू. 410
2. मक्का रू. 1,425 रू. 1,190 रू. 235 रू. 1,110 रू. 315
3. मूंग रू. 5,575 रू. 4,120 रू. 1,455 रू. 4,120 रू. 1,455
4. उड़द रू. 5,400 रू. 3,000 रू. 2,400 रू. 3,070 रू. 2,330
5. मूंगफली रू. 4,450 रू. 3,720 रू. 730 रू. 3,570 रू. 880
6. तिल रू. 5,300 रू. 5,440 रू. 140

 

भावांतर भुगतान योजना में मण्डी प्रांगण के बाहर घोष क्रय-विक्रय कराने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया। ऐसे स्थान, जो कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी के लिए अधिसूचित प्रांगण नहीं हैं वहाँ पर संबंधित जिला कलेक्टर योजना की जिला-स्तरीय समिति से सत्यापन कराने के बाद विशेष प्रांगण घोषित कर सकते हैं। व्यापक कृषक हित में कृषक उपज मण्डी के प्रांगण के रूप में उपयोग करने की आवश्यकता वाले स्थानों को ही विशेष प्रांगण घोषित किया जा सकेगा।

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विशेष मण्डी प्रांगण घोषित करने के लिए आवश्यक होगा कि प्रांगण में न्यूनतम 5 क्रियाशील व्यापारी हों, जिनके नाम पर लायसेंस क्रमांक हो। साथ ही प्रांगण में न्यूनतम एक मण्डी निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक कार्यरत हो तथा प्रांगण में पारदर्शी घोष विक्रय, डिजिटल तौल एवं भुगतान की उचित व्यवस्था हो। कृषकों के भुगतान पर किसी भी प्रकार की कटौती जैसे तुलाई/हम्माली एवं अन्य कमीशन आदि नहीं की जा रही है। ऐसे विशेष प्रांगणों को उसकी संबंधित मूल मण्डी/उप मण्डी के अधिसूचित प्रांगण के अंतर्गत ही माना जाएगा। ऐसे विशेष प्रांगणों में होने वाली कृषि विपणन आवक, क्रय-विक्रय तथा मण्डी फीस से प्राप्त आय को बाहरी प्रांगण/साप्ताहिक हाट-बाजार के रूप में उल्लेख कर मूल मण्डी में दर्ज कर पोर्टल में गणना में लिया जाएगा।

किसानों को परिवहन व्यय और गोदाम भण्डारण अनुदान भी

योजना के लिए गठित उप समिति ने किसानों से प्रत्यक्ष सम्पर्क और योजना की संचालन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आवश्यकताओं को देखते हुए इस अवधि में परिवहन व्यय, गोदाम भण्डारण अनुदान राशि और नवीन दरें जैसे निर्णय भी लिए। किसानों को अपनी कृषि उपज के भण्डारण के लिए 9 रूपये 90 पैसे प्रति क्विंटल, प्रतिमाह का अनुदान दिया जा रहा है।

भावान्तर भुगतान योजना

प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्डी के सचिव की समिति करती है। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्डी निधि से किया जाता है।।

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