22 अगस्त तक किया जाएगा राज्य में भूमि मैपिंग का काम

कृषि भूमि मैपिंग

किसान कृषि भूमि को लेकर आपस में अदालती उलझनों में लगे रहते हैं, इससे पैसा तथा समय दोनों का काफी नुकसान होता है | कृषि भूमि की सटीक जानकारी ओर मैपिंग के लिए केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की है जिसके तहत सभी किसानों को सम्पत्ति का रिकॉर्ड दिए जाएँगे | हरियाणा राज्य सरकार भी किसानों को स्वामित्व कार्ड देने के लिए कृषि भूमि की मैपिंग करा रही है | जिससे किसानों की भूमि का पूरा डेटा ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा | हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में कृषि भूमि मैपिंग का कार्य करने के लिए व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे अभियान में तेजी लाएं ताकि प्रदेश की कृषि भूमि डाटा उपलब्ध हो सके।

तीन चरणों में होगा लैंड मैपिंग कार्य 

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश गावों का ड्रोन बेस मैपिंग का कार्य किया जा चुका है | स्वामित्व योजना की तरह प्रदेश की कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य किया जाएगा और राजस्व रिकार्ड को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा | लार्ज स्केल मैपिंग कार्य को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा | पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की मैपिंग तथा इस पर बने हुए स्ट्रक्चर के मानचित्र बनाने का कार्य किया जाएगा | दुसरे चरण में शहरों में इंडस्ट्री क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी | इनसे पैमाइश के कार्य में सहायता मिलेगी |

रोवर्स मशीन से पटवारियों को किया जाएगा प्रशिक्षित

- Advertisement -

कृषि भूमि की मैपिंग के लिए रोवर्स मशीन से पटवारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा | इसके लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर दो–दो रोवर्स (जीपीएस) मशीन खरीद कर मुहैया करवाई जाएंगी | हर तहसील को रोवर्स मशीन से जोड़ा जाएगा ताकि खेतों की पैमाइश आसानी से की जा सके | प्रदेश भर में 19 स्थानों पर कंटीन्यूअस रैफ्रेसिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं | इनके माध्यम से आसपास के एरिया में 500 किलोमीटर के दायरे में जीपीएस लोकेशन का आसानी पता चला सकेगा | इसके अलावा 16 जीआईएस लैब भी प्रदेश भर में स्थापित की गई है |

मजबूत रेफरेंस प्वाइंट लगाए जाएंगे 

लार्ज स्तर पर मैपिंग का कार्य होने से सभी मालिकों की जमीन की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी इसके अलावा स्कूल, शमलाती ढांचा, धार्मिक स्थल आदि भूमि की लोकेशन भी सही मिल सकेगी | इसके अलावा गांवों में मुरब्बा स्टोन की तरह तकनीक आधारित 25 मुरब्बे के क्षेत्रफल में गहरे एवं मजबूत रेफरेंस प्वाइंट का उपयोग कर सकेंगे | इस प्रकार कृषि भूमि की पैमाईश में जीपीएस लोकेशन डबल तकनीक पर आधारित पैमाइश का लाभ मिलेगा |

अगस्त 2022 तक लैंड मेपिंग कार्य होगा पूरा 

- Advertisement -

लैंड मैपिंग का कार्य करने के लिए करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में 3 टीमें लगाई गई। इसके अलावा 15 मार्च तक और टीमें लगाई जाएंगी। इस प्रकार प्रदेश भर में कुल 44 टीमें लैंड ड्रोन मैपिंग का कार्य करेंगी जिसे अगस्त 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले 5 गांवों में ट्रायल बेस पर लार्ज स्केल मैपिंग का कार्य किया गया । अब इसे पूरे प्रदेश में शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में जमीन सुधार के लिए नया सिस्टम लेकर आ रही है। इसके माध्यम से सारी कृषि जमीन का रिकॉर्ड ही उपलब्ध हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जमाबंदी के लिए भी नया फॉर्मेट तैयार किया गया है जिसमें पीपीपी का कॉलम जोड़ा गया है। कृषि भूमि को परिवार पहचान पत्र से भी जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

- Advertisement -

Related Articles

12 COMMENTS

    • सर जब मध्य प्रदेश में किसी योजना के लिए आवेदन होते हैं तो उसकी जानकारी लिंक के साथ दी जाती है |

    • सर up में चुनाव के बाद ही नए आवेदन होंगे, चुनाव के बाद अपने यहाँ के बिजली विभाग में सम्पर्क करें

    • सर भू स्वामित्व कार्ड सभी रज्यों में बनाए जाने हैं | अभी हरियाणा में चल रहे हैं जो २२ अगस्त तक पूरा किया जाना है |

  1. हमें कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं कृपया हमें सुविधाएं दिलवाने और एक ट्रैक्टर भी मैं किसान हूं गरीब आदमी हूं खेती करता हूं खेती में कुछ पता नहीं है

    • http://upagriculture.com पर पंजीयन करें चुनाव के बाद जब भी आवेदन होंगे तब कृषि यंत्र के लिए टोकन निकालें, इसके अलावा अपने ब्लॉक या ज़िले के कृषि विभाग से सम्पर्क करें|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
यहाँ आपका नाम लिखें

Stay Connected

217,837FansLike
829FollowersFollow
54,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

ऐप खोलें