जानिए किसानों को कब से दिया जाएगा गेहूं का 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस

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गेहूं का 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस

सरकार ने किसानों की कर्ज माफी योजना के साथ एक योजना और शुरू की थी जिसका नाम था “जय किसान सम्रद्धि योजना” | जय किसान सम्रद्धि योजना के जरिये किसानों को गेहूँ पर 160 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देनी थी | मध्यप्रदेश में सरकार बनाने के बाद सरकार ने किसानों को गेहूं की समर्थन मूल्य खरीद पर 160 रुपये बोनस देने का फैसल लिया था जो अभी तक एक वर्ष बीत जाने पर भी किसानों को नहीं दिया गया है जिसे अब दिया जाना है | वर्ष 2018-19 में गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रु./क्विंटल था जिसपर 160 रु./क्विंटल देने से गेंहूँ का मूल्य 2,000 रु / क्विंटल हो जायेगा |

किसानों को दिया जाएगा 1 अप्रेल से बोनस

वर्ष 2018-19 में निर्धारित समय में मंडी तथा उपार्जन केंद्रों में गेहूँ बेचने वाले पंजीकृत किसानों को 160 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने की जो घोषणा हमने की है उसका वितरण 1 अप्रैल 2020 से प्रारंभ होगा यह बात मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री सचिन यादव ने कही |

किन किसानों को दिया जाएगा गेहूं 160 रुपये का बोनस

मध्य प्रदेश सरकार ने रबी फसल में गेंहू के लिए 160 रुपया दे रही है | यह राशि पंजीकृत किसानों को ही प्राप्त होगी अर्थात जिन किसानों ने वर्ष 20 19 में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करवाया था वही किसान बोनस प्राप्त कर सकेगें | अगर कोई किसान ने रबी गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण नहीं किया है तो उसे बोनस का फायदा नहीं दिया जायेगा|

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जय किसान सम्रद्धि योजना की मुख्य बातें

  • न्यूतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित कराने वाले किसानों के बैंक खातों में 160 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि जमा कराई जायेगी।
  • पंजीकृत किसान द्वारा बोनी एवं उत्पादकता के आधार पर उत्पादन की पात्रता की सीमा तक उपार्जन अवधि में कृषि उपज मण्डी में विक्रय करने पर भी 160 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
  • मण्डी में गेहूँ न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे अथवा ऊपर के भाव पर बेचा गया हो, दोनों ही परिस्थिति में योजना पंजीकृत किसान को प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जायेगा।
  • गेहूँ की उपार्जन अवधि में बढ़ोत्तरी की दशा में मण्डी में विक्रय अवधि स्वयंमेव मान्य होगी।
  • मण्डी बोर्ड द्वारा जिन संस्थाओं को क्रय केन्द्र स्थापित कर कृषकों की उपज सीधे क्रय करने के लिये एकल लायसेंस प्रदान किये गये हैं, उनके केन्द्र पर गेहूँ विक्रेता पंजीकृत किसानों को भी पात्रतानुसार योजना का लाभ दिया जायेगा।
  • प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिये किसान को ई-उपार्जन पोर्टल पर गेहूँ उपार्जन का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
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