जैविक खेती करना चाहते हैं तो इसे जरुर पढ़े 

0
989
views

जैविक खेती करना चाहते हैं तो इसे जरुर पढ़े 

किसान भाई आप में से बहुत से किसान जैविक खेती करते है या करने के बारे में सोचते है | आप अपने अनुसार जैविक खेती करने लगते हैं | लेकिन आप जब अपने फसल को बेचना चाहते है तो जैविक फसल का मूल्य नहीं मिलता है क्योंकि आप अपने फसल का जैविक प्रमाण पत्र नहीं लिए होते हैं | इसलिए किसान समाधान ने जैविक खेती करने वाले किसानों के बारे में जैविक प्रमाणिकता का नियम लेकर आया है इसे जरुर पढ़ें | तथा दुसरे किसानों के साथ साझा करें |

उद्देश्य :-

देश एवं प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रत्यापन निति एवं जैविक मानकों के तहत जैविक प्रमानिकरण सेवाएं उपलब्ध कराना |

सेवाएँ :-

संस्था द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में जैविक प्रमाणीकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है |

  • फसल उत्पादन
  • आदान अनुमोदन (इनपुट एप्रूवल)
  • वनोपज संग्रहण
  • प्रसंस्करण, निर्माण एवं हेंडलिंग

जैविक प्रमानिकरण :-

  • जैविक उत्पादन क्षेत्र / इकाई में जैविक मानकों यथा राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NSOP) अंतर्गत जैविक उत्पादन हेतु राष्ट्रीय मानकों (NSOP) के अनुसार उत्पादन प्रक्रिया / प्रबंध को अपनाया जाता है | उत्पादन प्रक्रिया / प्रबंधन का जैविक मानकों के अनुरूप अनुपालन का सत्यापन ही जैविक प्रमानिकरण है |
  • जैविक प्रमानिकरण एक मार्केटिग टूल है, जिससे उत्पाद की जैविक पहचान को विश्वसनीयता प्राप्त होने के फलस्वरूप जैविक उत्पादन की ब्रांडिंग के साथ बेहतर मूल्य पर उसका विपणन संभव होता है |
  • फसल उत्पादन के लिए जैविक प्रमाणीकरण व्यक्तिगत एवं समूह में कराया जा सकता है |
  • बड़ी जोत के वे कृषक, जिनके पास बाजार अधिशेष (marketing surplus) पर्याप्त होता है, व्यक्तिगत रूप से प्रमाणीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं | इन कृषकों का पेन कार्ड (pan card) और ई.मेल.आई.डी. अनिवार्य हैं |
  • छोटी जोत के कृषकोण को जैविक प्रमाणीकरण से लाभ लेने के लिए समूह प्रमाणीकरण का प्रावधान भी है |
यह भी पढ़ें   बीमा कम्पनी फसल बीमा का निर्धारण कैसे करती है तथा किसान को प्रति हैक्टेयर रबी और खरीफ में कितना पैसा मिलेगा |

समूह प्रमाणीकरण :-

समूह कृषकों एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के मध्य समूह / सेवा प्रदायक संस्था (service provider) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है | यह जैविक प्रमाणीककरण कार्यक्रम के व्यवस्थित संचालन के लिये आन्तरिक नियंत्रण प्रणाली | (ICS) की स्थापना करती है तथा निम्नलिखित कार्यों के लिए उत्तरदायी हैं :-

  • यह कृषकों को संगठित कर जैविक उत्पादन के लिये प्रशिक्षित करती है |
  • समूह में राष्ट्रीय जैविक उत्पादन मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करती है |
  • प्रमाणीकरण संस्था में पंजीयन कराकर जैविक प्रमाणपत्र प्राप्त करती है |
  • समूह के जैविक उत्पादन का संगठित विपणन करती है |

समूह प्रमाणीकरण के लिए सामान्य आवश्यकताएं :-

  • समूह में कम से कम 25 कृषक व अधिकतम 500 कृषक हो सकते हैं |
  • जैविक कृषि क्षेत्र एक समान तथा आस – पास में हो |
  • कृषक एक समान फसल पद्धति को अपना रहें हों |
  • समूह की विधिवत पहचान (legeal identity) हो अर्थात समूह पंजीकृत हो |
  • समूह का राष्ट्रीयकृत बैंक में खता हो तथा पेन कार्ड (PAN card) हो |
यह भी पढ़ें   फसल बीमा करने वाली कंपनियां एवं उनके टोल फ्री नम्बर

जैविक खेती से सम्बन्धी सभी जानकारी के लिए क्लिक करें

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here