फसलों में खाद (उर्वरक) का उपयोग करने से पहले यह बातें जरुर जानें

0
953
views
The amount of nutrients in fertilizer

खाद (उर्वरक) में पोषक तत्वों को जानकर ही उसका प्रयोग करें

खेती में उर्वरक का नाम न हो ऐसा नहीं हो सकता है | फसलों के उत्पादन बढ़ाने के लिए कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसमें उर्वरक प्रमुख है | उर्वरक फसलों के साथ – साथ किसानों के लिए एक वरदान है जिससे बंजर भूमि में भी खेती की जा सकती है | किसी फसल के लिए पोषक तत्व का होना जरुरी होता है , जिसे पौधे मिट्टी से प्राप्त करते है | किसानों के द्वारा एक ही भूमि में एक ही वर्ष में 2 से 3 फसल लेने के कारण मिट्टी में पर्याप्त पोषक तत्व उपलब्ध नहीं हो पाते हैं या कुछ भूमि ऐसे होते हैं जिसमें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध नहीं होता है अगर होता है तो कोई एक अधिक या एक बहुत कम होता है | जिससे पौधों का विकास रुक जाता है और उत्पादन पर असर पड़ता है | इसके लिए बाहर से उर्वरक के रूप में पोषक तत्व मिट्टी में मिलाया जाता है | जिससे पौधों को आसानी से पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व उपलब्ध हो जाता है |

अब यह जानना जरुरी है की कौन सा पोषक तत्व किस खाद (उर्वरक) में कितना होता है तथा पौधों में किस मात्रा में उपयोग किया जाता है | अक्सर यह देखा गया है की कृषि वैज्ञानिक या विशेषज्ञ यह बताते हैं की किसी फसल में 30 किलोग्राम नाईट्रोजन 20 किलोग्राम फास्फोरस या 20 किलोग्राम पोटाश का उपयोग करें | यह जानना जरुरी रहता है की कौन सा उर्वरक का उपयोग करें जिसमें यह मात्रा उपलब्ध हो सकता है | इसके लिए यह जानना जरुरी है की किसी खाद में यह उर्वरक किस अनुपात में रहता है | किसान समाधान आज किसानों के लिए सभी पोषक तत्व की जानकारी लेकर आया है जिससे उर्वरक का उपयोग करते हुये यह जानकारी हो सके की उपयोग किस अनुपात में करें |

यूरिया

देश का सबसे महत्वपूर्ण नाईट्रोजन युक्त खाद यूरिया है, क्योंकि इसमें नाईट्रोजन की पचुर मात्रा है (46 % नाईट्रोजन) | फसलों में इस्तेमाल किये जाने के अलावा इसका उपयोग पशुओं के चारे में प्रोटीन आवश्यकताओं के एक हिस्से की पूर्ति करने के लिए किया जाता है |अब यह जानना जरुरी है की एक किलोग्राम यूरिया में कितना नाईट्रोजन तथा अन्य तत्व होते है |

यह भी पढ़ें   गेहूं में सिंचाई तथा उर्वरक (खाद) का प्रयोग कब एवं कैसे करें ?

एक किलोग्राम यूरिया में 460 ग्राम शुष्क नाईट्रोजन होता है | यानि 50 किलोग्राम की एक पैकेट में 23 किलोग्राम नाईट्रोजन होता है | इसके आलावा 100 ग्राम आद्रता होता है , 150 ग्राम बाइयूरेट होता है इसके आलावा 3,5 ग्राम नीम तेल रहता है |

इसका मतलब यह हुआ की अगर किसी फसल में यह लिखा हुआ है की नाईट्रोजन 30 किलोग्राम में देना है तो उसे तुलना इसी यूरिया के 460 ग्राम से करें तथा यूरिया की मात्रा लगभग 67 किलोग्राम होना चाहिए |

एन.पी.के.

नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं  पोटाश (एन.पी.के.) में 10:26:26 तथा 12:32:16 दो किस्में आते हैं , जिसमें 12:32:16 ज्यादा प्रचलित है | इसमें 12 प्रतिशत नाईट्रोजन, 32 फास्फोरस तथा 16 प्रतिशत पोटाश होता है | इसका मतलब यह हुआ की इस उर्वरक में तीनों पोषक तत्व मिल जाता है |अब यह जानना जरुरी है की एक किलोग्राम एन.पी.के में कितना ग्राम नाईट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश होता है |

एक किलोग्राम एन.पी.के में 120 ग्राम नाईट्रोजन , 320 ग्राम फास्फोरस तथा 160 ग्राम पोटाश होता है | 30 ग्राम फास्फोरस में 27.5 ग्राम फास्फोरस हो पानी में घलता है | इसके आलावा 15 ग्राम नमी , 90 ग्राम अमोनिया तथा 6.6 किलोग्राम गंधक रहता है |

इसका मतलब यह हुआ की अगर कि 50 किलोग्राम के एन.पी.के. पैकेट में 6 किलोग्राम नाईट्रोजन, 16 किलोग्राम फास्फोरस , 8 किलोग्राम पोटाश तथा 4.5 किलोग्राम अमोनिया रहता है | अगर किसी फसल में उर्वरक देते समय यह ध्यान रखना होगा की जो आप उपयोग कर रहें हैं उसमें कितना मात्रा में फास्फोरस, पोटाश तथा नाईट्रोजन मिल सकता है |

एन.पी.

एन.पी. में मुख्य रूप से नाईट्रोजन तथा फास्फोरस पोषक तत्व उपलब्ध रहते है | इसके आलावा गंधक भी पर्याप्त मात्रा में रहता है | ग्राम भर में यह जानना जरुरी है की नाईट्रोजन तथा फास्फोरस कितना होता है |

यह भी पढ़ें   जैविक खाद बनाने के लिए केंचुए इस तरह से प्राप्त करें

एक किलोग्राम एन.पी. में 200 ग्राम नाईट्रोजन, तथा 200 ग्राम फास्फोरस रहता है | इसके आलावा 130 ग्राम गंधक रहता है | इस बात का ध्यान रखना होगा की फास्फोरस के 200 ग्राम में से मात्रा 170 ग्राम फास्फोरस ही पानी में घुलनशील है |

अगर आप 50 किलोग्राम का एन.पी. एक पैकेट खरीदते हैं तो उसमें से 10 किलोग्राम नाईट्रोजन तथा 10 किलोग्राम फास्फोरस तथा 13 किलोग्राम गंधक प्राप्त होगा | इसलिए फसल में उर्वरक उपयोग करने से पहले इस अनुपात का ध्यान रखना जरुरी है |

डी.ए.पी.

बाजार में डी.ए.पी. 10:26:26 तथा 12:32:16 किस्मों में आते हैं | लेकिन इसमे 12:32:16 ज्यादा प्रचलित है | डी.ए.पी. में नाईट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश तीनों पोषक तत्व प्राप्त होता है | जिससे फसल को एक ही समय में तीनों पोषक तत्व प्राप्त होता है |

डाइअमोनियम फास्फेट

 अपने अच्छे विशेषण तथा अच्छे भौतिक गुणों के कारण डाइअमोनियम फास्फेट सबसे लोकप्रिय फास्फेट युक्त उर्वरक है | फर्टिलाइजर ग्रेड डी.ए.पी. का संयोजन 18:46:0 है |अब यह जानना जरूरी है की एक किलोग्राम डी.ए.पी. में कितना ग्राम नाईट्रोजन, फास्फोरस, तथा पोटाश रहता है |

एक किलोग्राम डी.ए.पी (डाइअमोनियम फास्फेट) में 180 ग्राम नाईट्रोजन जो अमोनिया युक्त रहता है इसके अलावा 46 प्रतिशत फास्फोरस अमोनिया युक्त रहता है | इसमें पोटाश की मात्रा 0 प्रतिशत तथा आद्रता 25 ग्राम रहता है | डाइअमोनियम फास्फेट में सबसे ज्यादा फास्फोरस रहता है |

इसका मतलब यह हुआ की 50 किलोग्राम के एक पैकेट में 18 किलोग्राम नाईट्रोजन तथा 23 किलोग्राम फास्फोरस रहता है | डी.ए.पी. का उपयोग करते हुये इस अनुपात में उपयोग करें | उर्वरक का भर पोषक तत्व का भर नहीं रहता है | किसान समाधान के यू-ट्यूब चेनल को सब्सक्राइब करें |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here