जाने इस वर्ष कैसी रहेगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया इस वर्ष का पहला मानसून पूर्वानुमान

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वर्ष 2020-21 हेतु मानसून का पहला पूर्वानुमान

भारत देश में आज भी खेती मानसून पर ही निर्भर करती है | खरीफ फसल में सिंचाई का मुख्य स्त्रोत बारिश ही है, ऐसे में अधिक उत्पादन के लिए आवशयक है की देश में मानसून में अच्छी बारिश हो |  वर्ष 2019–20 का कृषि (खरीफ तथा रबी) कार्य पूरा हो गया है | अब अधिकांश किसानों को मानसून का इन्तजार है जिससे वे खरीफ फसलों की बुआई कर सकें | प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) समूचे देश की मानसून का पूर्वानुमान जारी करता है | वर्ष में दो बार मानसून का पूर्वानुमान जारी किया जाता है | प्रथम चरण का पूर्वानुमान अप्रैल में और दुसरे चरण का पूर्वानुमान मई / जून में जारी किया जाता है | भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) समूचे देश के लिए अप्रैल माह का मानसून पूर्वानुमान जारी कर दिया है | किसान समाधान देश भर का अप्रैल माह का पूर्वानुमान लेकर आया है |

जून से सितम्बर के बीच होगी सामान्य वर्षा

देश में जून से सितम्बर के बीच मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है | इस समय देश में 96 से 104 प्रतिशत तक वर्षा रहने की संभावना है | जारी किये गये अनुमानों के अनुसार मात्रात्मक रूप से 5 प्रतिशत ज्यादा या कम रहने की संभावना है | अगर दीर्घकालीन अवधि की बात किया जाये तो देश भर में 100 प्रतिशत वर्षा रहने की उम्मीद है | जबकि इसी अवधि में 1961 से 2010 के बीच दीर्घावधि औसत 88 से.मी. है  |

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सामान्य तथा दीर्घावधि वर्षा में यह अन्तर है

भारत मौसम विज्ञान के द्वारा देश भर के वर्षा की जानकारी सार्वजनिक करता है | साथ में पूर्वानुमान में यह बताया जाता है कि देश में वर्तमान वर्ष में मानसून कैसा रहेगा | समूचे देश के लिए ऋतूनिष्ठ श्रेणी 5 के लिए (जून से सितम्बर) यों का संभाव्य पूर्वानुमान जारी किया है |

श्रेणी
वर्षा अवधि (% काएलपीए)
पूर्वानुमान संभाव्यता (%)
जलवायविक संभाव्यता (%)

न्यूनतम

90 से कम

9

16

सामान्य से कम

90 से 96

20

17

लगभग सामान्य

96 से 104

41

33

सामान्य से अधिक

104 से 110

21

16

अत्यधिक

110 से अधिक

9

17

सामान्य वर्षा होने की संभावना 70 प्रतिशत है

2020 की दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतू की वर्षा का पूर्वानुमान तैयार करने के लिए मार्च 2020 के दौरान वायुमंडलीय और महासागरीय आरम्भिक स्थितियों का उपयोग किया गया है | पूर्वानुमान की गणना 51 एनसेबल सदस्यों के औसत के रूप में की गई थी | जिसके अनुसार सांख्यिकीय माँडल 2020 मानसून की वर्षा सामान्य (दीर्घावधि औसत का 96 से 104) के लिए उच्च संभाव्यता (41%) सुझाव देता है | जबकि MMCFS के आधार पर किए गए पूर्वानुमान से यह पता चलता है कि 2020 मानसून की वर्षा सामान्य से अधिक (दीर्घावधि औसत का 104 से अधिक) की उच्च संभावना (70%) है |

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नोट :- दिये गये आकडे में से 5 प्रतिशत कम या ज्यादा हो सकते हैं|

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4 COMMENTS

  1. बाजरे के लिए सबसे अच्छा कोनसा बीज रहेगा जो कि मेरी जमीन धोरा धरती राजस्थान कि है जहां पूरी रेत ही रेत है।

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