किसान संपदा योजना

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किसान संपदा योजना

योजना का उद्देश्य:-

  1. फसल के नुकसान को शून्य स्तर पर लाना |
  2. सस्ती कीमत पर उपभोक्ताओं को अच्छा भोजन प्रदान करना |
  3. किसानों की आय को दोगुना करना |

योजना के मुख्य बिन्दु :-

  • यह योजना 14वें वित्त आयोग के चक्र के साथ वर्ष 2016-20 की अवधि में लागू की जाएगी।
  • 6000 करोड़ रुपये के आवंटन से प्रारंभ हुई किसान संपदा योजना से 31400 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।
  • साथ ही योजना से 104125 करोड़ रुपये मूल्य का 334 लाख मीट्रिक टन कृषि-उत्पादन भी प्राप्त होगा।
  • योजना से 20 लाख किसानों को लाभ प्राप्त होगा।
  • इसके अतिरिक्त वर्ष 2019-20 तक देश में 530500 प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा।
  • किसान संपदा योजना का उद्देश्य कृषि को पूरक बनाना, प्रसंस्करण का आधुनिकीकरण करना और कृषि अपशिष्ट को कम करना है।
  • योजना का क्रियान्वयन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।

  किसान संपदा योजना के तहत लागू की जाने वाली योजनाएं

  1. किसान संपदा योजना के तहत वर्तमान में चल रही जिन योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाएगा उनमें शामिल हैं- मेगा फूड पार्क, एकीकृत शीत शृंखला एवं मूल्य संवर्धन आधारभूत संरचना, खाद्य सुरक्षा तथा गुणवत्ता आश्वासन आधारभूत संरचना और मानव संसाधन एवं संस्थान।
  2. योजना के तहत कुछ नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है जो हैं- खाद्य प्रसंस्करण एवं परिरक्षण क्षमताओं का सृजन/विस्तार, कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर हेतु आधारभूत संरचना और क्रिएशन ऑफ बैकवर्ड एंड फारवर्ड लिंकेज।
  3. मेगा फूड पार्क योजना के उद्देश्यों में शामिल हैं- देश में कृषि प्रसंस्करण इकाइयों हेतु अत्याधुनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना, डेयरी, मत्स्ययन आदि कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करना आदि।
  4. शीत शृंखला एवं मूल्य संवर्धन योजना का लक्ष्य एकीकृत शीत शृंखला, परिरक्षण एवं मूल्य संवर्धन आधारभूत संरचना सुविधाओं की स्थापना में वित्तीय सहायता के माध्यम से बागवानी एवं गैर-बागवानी कृषि-उत्पाद की कटाई उपरांत हानि को रोकना है।
  5. कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर हेतु आधारभूत संरचना योजना का लक्ष्य है उत्पादन क्षेत्रों के समीप कृषि प्रसंस्करण के लिए अत्याधुनिक आधारभूत संरचना का सृजन, खेत से उपभोक्ता तक एकीकृत एवं पूर्ण परिरक्षण आधारभूत संरचना सुविधा उपलब्ध कराना आदि।
  6. खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता आश्वासन आधारभूत संरचना योजना का उद्देश्य खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता एवं संघटकों की निगरानी हेतु निरीक्षण प्रणाली की स्थापना करना है।
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खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र हेतु सरकारी प्रयास

  • खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा किए गए उपायों से इस क्षेत्र की वृद्धि दर 7 प्रतिशत हो गई है।
  • बागवानी एवं गैर-बागवानी उत्पाद की कटाई उपरांत हानि को रोकने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 42 मेगा फूड पार्कों एवं 236 एकीकृत शीत शृंखला (Integrated Cold Chain) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूर किया है।
  • खाद्य प्रसंस्करण एवं खुदरा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु सरकार ने भारत में निर्मित तथा उत्पादित खाद्य उत्पादों के संबंध में ई-कॉमर्स के जरिए व्यापार में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी है।
  • सरकार ने नाबार्ड (NABARD) में 2000 करोड़ रुपये की विशेष निधि की स्थापना की है जिससे निर्दिष्ट फूड पार्कों एवं कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
  • खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, हानि को रोकने, रोजगार के अवसर सृजित करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए खाद्य एवं कृषि आधारित प्रसंस्करण इकाइयों और शीत शृंखला आधारभूत संरचना को ‘प्राथमिकता क्षेत्र ऋण’ के तहत लाया गया है।
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