अब ऑनलाइन खरीद सकेगें कड़कनाथ मुर्गा

0
816
views

अब ऑनलाइन खरीद सकेगें कड़कनाथ मुर्गा

सहकारिता राज्य मंत्री ने ‘मध्यप्रदेश कड़कनाथ एप” का लोकार्पण किया। सहकारिता से अंत्योदय योजना में सहकारी समितियों का गठन कर रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। इसी कड़ी में कड़कनाथ मुर्गा-पालन और विक्रय से जुड़ी सहकारी समितियों के लिये ‘मध्यप्रदेश कड़कनाथ मोबाइल एप” तैयार कर आज से शुरू किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से व्यक्तियों को स्थानीय परिवेश और उपलब्धताओं को ध्यान में रख उत्पादन से जोड़ा जा रहा है। व्यक्तियों को सहकारी समितियों से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिये जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन और पूँजी की व्यवस्था भी करवाई जा रही है।

राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि उपभोक्ता और व्यापारी एप के माध्यम से समितियों तक पहुँच सकते हैं। एप द्वारा समितियों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा। एप में उपलब्ध मेन्यु में सीधे क्लिक करने पर समिति का ई-मेल, फोन और उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। माँग और पूछताछ का ऑप्शन भी दिया गया है। सबमिट बटन पर क्लिक करने से सीधे संस्था को ई-मेल करने की सुविधा है। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें   182 लाख रूपये से सरकार करवा रही है नापेड कम्पोस्ट इकाई की स्थापना

कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बेहतर होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फेट की मात्रा न के बराबर पायी जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, केल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है। यह अन्य मुर्गों की तुलना में लाभकारी है। इसका रक्त, हड्डियाँ और सम्पूर्ण शरीर काला होता है। यह दुनिया में केवल मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर में पाया जाता है।

इसके लिए  झाबुआ, अलीराजपुर और देवास जिले में कड़कनाथ मुर्गा-पालन की 21 सहकारी समितियों का पंजीयन हुआ है। इनमें 430 सदस्य हैं। एप में इनकी पूरी जानकारी है। चार समितियों द्वारा व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। शेष समितियाँ व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया में हैं। कड़कनाथ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिये ऑनलाइन डिमाण्ड कर सकता है। भविष्य में ऑनलाइन आर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी।

यह भी पढ़ें   टिड्डी कीट के बढ़ते प्रकोप को रोकने हेतु सरकार इन कीटनाशकों पर दे रही 50 प्रतिशत तक सब्सिडी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here