अश्वगंधा की खेती करना चाहते हैं तो यह महत्वपूर्ण बातें जरुर जानें

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अश्वगंधा की खेती से जुडी महत्वपूर्ण बातें

अश्वगंधा एक कम खर्च में अधिक आमदनी तथा निर्यात से विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाली महत्वपूर्ण औषधीय फसल है | इसे भारतीय जिनसिंग के नाम से भी जाना जाता है |अश्वगंधा की खेती देश के अन्य प्रदेशों जैसे महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, केरल, जम्मु कश्मीर एवं पंजाब में हो रही है | इसकी बुआई से लेकर कटाई तक बहुत सावधानियाँ बरतनी पड़ती है |किसान समाधान आप सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आया है |

महत्वपूर्ण बातें 

  1. अच्छी जल निकास का प्रबंधन करें |
  2. बलुई दुमट भूमि का चयन करें |
  3. समय पर बोनी करें (अगस्त के तीसरे सप्ताह से सितम्बर के प्रथम सप्ताह तक)
  4. अच्छे एवं शीघ्र अंकुरण के लिए भूमि में उपयुक्त नमी रखें |
  5. कतारों में 30 से.मी. की दुरी पर कतार से कतार एवं 4 – 5 से.मी. पौध की दुरी रखें |
  6. उचित बीज दर रखें (7 – 8 लाख प्रति हेक्टयर) आवश्यकता से ज्यादा पौध संख्या होने पर जड़ें पतली हो जाती है वहीँ कम पौध संख्या रखने पर जड़ें मोती, खोखली व कष्ठ्युक्त (फाइबरस) हो जाती है |
  7. बीजोपचार करें 20 – 25 दिन बाद छनाई करें एवं उचित पौध संख्या रखें |
  8. अनुशंसित मात्रा में खाद एवं उर्वरक का प्रयोग करें | 25 कि. नत्रजन 50 किलो स्फूर एवं 30 किलो पोटाश प्रति हेक्टयर बोते समय अवश्य डाले |
  9. अच्छी गुणवत्ता की जड़ों का उत्पादन लेने हेतु अच्छे गुणवत्ता वाले उन्नत जातियों के बीज जैसे जवाहर असगंध – 20 , जवाहर असगंध – 134 एवं राजविजय असगंध – 100 का उपयोग करें (उपरोक्त जातियों का बीज उधानिकी महाविधालय मन्दसौर में उपलब्ध) |
  10. फसल कटाई उपयुक्त अवस्था पर ही करें |
  11. गीली जड़ें पौधे से काटकर श्रेणीकरण कर देवें | मंडी में अच्छी कीमत प्राप्त करने के लिये जड़ों का श्रेणीकरण करके ही बेचे |
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रोग एवं कीट व्याधि

सामान्यत: इस फसल में कीट व्याधि का ज्यादा प्रकोप नहीं होता है परन्तु शुरआती अवस्था में पौध संख्या अधिक होने पर तथा नमी होने पर पौध गलन (ड़ेम्पिंग आफ) की समस्या होती है | जिसके नियंत्रण के लिए क्रिलैक्सिल 72 एम.जेड. नामक दावा को 2 ग्राम / लीटर के हिसाब से पौधे की जड़ क्षेत्र में ड्रेनचिंग करना चाहिए |

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8 COMMENTS

    • अपने जिले के उद्यानिकी विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र में सम्पर्क करें |

  1. ashwagangha ki kheti mere dadaji ke time se karte aa rhe h 1965 se hm ashgangha ki kheti kr rhe h mera naam sanjay rawat h villege ratitlai tah. manasa dist. neemuch M.P. ashagadha ke bare me jankari chahiye to in no. pr sampark krke aap mere se puch sakte ho mob no.8962264023 h esma mandi bhav abhi 55000/ quntal h

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