आंधी-बारिश या ओलावृष्टि से फसल नुकसान हुआ है तो यहाँ कॉल करें

466
Call here for information on crop damage

फसल क्षति सुचना हेतु यहाँ कॉल करें

पिछले कुछ दिनों से देश के अलग–अलग हिस्सों में कई स्थानों पर असमय आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि के चलते किसानों की रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ है | मौसम विभाग के अनुसार अभी बारिश एवं ओलावृष्टि का सिलसिला 22 एवं 23 मार्च तक जारी रहेगा | किसानों को हो रहे इस नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी परन्तु इसके लिए किसानों को फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाना आवश्यक है | अतः जिन किसानों की फसलों को क्षति होती है वह इसकी सुचना देकर अपने खेतों का सर्वे जल्द करवाएं |

जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया है वह किसान जिस भी कम्पनी ने बीमा किया है उस कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके सुचना दे सकते हैं | मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि हुई फसल नुकसानी की सर्वे किया जा रहा है | किसानों की फसल नुकसानी का आकलन किया जा रहा है तथा मुआवजे की राशि भी इसी आधार पर तय की जाएगी | खराब मौसम के चलते राज्य में रबी फसल की सरकारी खरीदी को रोक दिया गया है |

पंचायत में चस्पा हो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि सर्वे की रिपोर्ट पंचायत कार्यलय में चस्पा की जाए, जिससे सर्वे में प्राप्त फसलों की क्षति की जानकारी संबंधित किसान को भी प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को नियमानुसार फसल बीमा योजना का लाभ भी दिलवाने का कार्य किया जायेगा |

यह भी पढ़ें   प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू की अटल भू-जल योजना, 7 राज्यों के 8,350 गाँव के लोगों को होगा लाभ

फसल नुकसानी की सुचना यहाँ दें

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री पटेल ने बताया कि बारिश एवं ओला प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम प्रारम्भ कर दिया गया है | उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि उनकी फसल खराब हुई है और सर्वे अभी प्रारम्भ नहीं हुआ है, तो स्थानीय कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारीयों, तहसीलदार, एडीएम एवं जन – प्रतिनिधियों को खराब हुई फसलों की तत्काल सुचना दें | सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कमल सुविधा केंद्र 0755–2558823 जारी किया है | किसान इस नंबर पर भी कॉल करके फसल क्षति की सुचना दे सकते हैं |

हाल ही में हुई बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा हैं, कहीं-कहीं तो फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, ऐसी स्थिति में किसानों को फसल बीमा राशि लेने के लिए सम्बंधित कंपनियों को 72 घंटे के अन्दर ही दावे की सूचना देनी होगी | किसान फसल नुकसानी की सुचना निम्न प्रकार से से सकते हैं |

  1. किसान सीधे बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, स्थानीय कृषि विभाग, सरकारी / जिला पदाधिकारी अथवा नि:शुल्क दूरभाष संख्या वाले फोन के अनुसार बीमाकृत किसान द्वारा किसी को भी तत्काल रूप से सूचित किया जाए (72 घंटो के भीतर) |
  2. दी गई सूचना में सर्वेक्षणवार बीमाकृत फसल और प्रभावित रकबा का विवरण अवश्य होना चाहिए |
  3. किसान / बैंक द्वारा अगले 72 घंटों के भीतर प्रीमियम भुगतान सत्यापन की विवरण की जाए |
  4. इसके अतरिक्त किसान भाई फसल बीमा एंड्राइड ऐप से भी फसल क्षति की सुचना दे सकते हैं |
यह भी पढ़ें   अयोध्या नहीं कर्ज माफ़ी चाहिए: किसान मुक्ति मार्च

जन हानि, पशु हानि पर प्रावधान के अनुसार दिया जायेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसलों की हानि के साथ ही जनहानि और पशु हानि के प्रकरणों में भी सहायता दी जाएगी । जहाँ जन हानि हुई है, प्रावधान अनुसार चार-चार लाख की राशि प्रभावित परिवारों को दी जाए। कृषि विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त निरीक्षण करें। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान के अनुसार पात्र प्रभावितों की पूरी मदद की जाएगी।

प्रदेश में करीब 15 से 20 जिलों में असमय वर्षा हुई है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई है। अभी क्षति का आकलन किया जा रहा है। शीघ्र ही जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त होगा। पश्चिम मध्यप्रदेश के दो-तीन जिलों में और चंबल क्षेत्र में भी वर्षा हुई है। फसलों की क्षति अधिक नहीं हुई है। यहाँ आंशिक प्रभाव है, उसका आकलन किया जा रहा है। सात लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु की सूचनाएँ मिली हैं। कहीं-कहीं पशु हानि भी रिकार्ड की गई है।

पिछला लेखगेहूं, चना, मसूर एवं सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद आगामी आदेश तक स्थगित
अगला लेखकिसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों के बैंक खातों में दिए गए 1104 करोड़ रूपये

LEAVE A REPLY

अपना कमेंट लिखें
आपका नाम लिखें.