किसान के पंजीकृत रकबे और गिरदावरी में यदि कोई गलती हो तो तत्काल करवाएं सुधार

पंजीकृत रकबे और गिरदावरी में सुधार

किसानों को समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक होता है | ऐसे में यदि पंजीकरण के लिए दी गई जानकारी में यदि कोई गलती हो जाती है तो किसानों को फसल बेचने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है | अधिकांश राज्य सरकारों द्वारा किसान पंजीकरण का काम पूरा हो गया है एवं धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों की खरीदी शुरू भी की जा चुकी है | छत्तीसगढ़ राज्य में यदि किसानों के पंजीकरण में यदि कोई गलती हुई है तो उसे सुधार का कार्य किया जा रहा है ऐसे में जिन किसानों के पंजीकरण में किसी तरह की गलती हुई है तो सुधर हेतु आवेदन कर सकते हैं |

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसी किसान के पंजीकृत रकबे और गिरदावरी में यदि कोई त्रुटि मिलती है, तो तत्काल सुधार कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टरों को जारी किया गया है।

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इसके तहत निर्देश दिए गए है कि किसानों से पंजीयन हेतु प्राप्त आवेदन के संबंध में गिरदावरी की स्थिति ज्ञात कर ली जाए, यदि गिरदावरी अपूर्ण अथवा त्रुटिपूर्ण है तो इसमें सुधार कार्य तत्काल कराया जाए। यदि पंजीयन के दौरान धान के वास्तविक रकबे की एंट्री न होकर कम रकबे की एंट्री हो गई हो तो रकबे में तत्काल सुधार की कार्यवाही की जाए।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी हेतु पंजीकरण

गौरतलब है कि राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए 17 अगस्त से 17 नवम्बर तक किसान पंजीयन का कार्य किया गया है। खरीफ वर्ष 2020-21 में 21.30 लाख किसानों द्वारा धान बेचने हेतु पंजीयन कराया गया है। किसान पंजीयन की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी जिलों से पंजीयन में सुधार हेतु प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं, जिस पर शासन स्तर पर सुधार की कार्यवाही की जा रही है।

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