उद्यानिकी फसलों में फलों को फटने से कैसे रोकें

0
479
views

उद्यानिकी फसलों में फलों को फटने से कैसे रोकें

उद्यानिकी फसलों में फलों का फटना एक गंभीर समस्या है। फलों का फटना फलों की गुणवत्ता को ही कम नहीं करता साथ ही उनमें रोग व कीट आक्रमण की संभावना को भी बढ़ा देता है। सेब, अंगूर, लीची, अनार, चेरी आदि के फल तोड़ने से पूर्व फट जाते हैं।

अधिक गर्मी के कारण

अधिक तापमान के कारण पौधों एवं मृदा में जल की कमी हो जाती हैं। जिससे फलों की बाहरी त्वचा सख्त हो जाती है। तदोपरांत पौधों को पानी देने से फलों के अंदर उत्तकों के अनुपात में नहीं हो पाती जिससे फल फट जाते हैं। कागजी नींबू एवं देसी नींबू में इस समस्या को फलों के परिपक्व होने से पूर्व देखा जा सकता है।

वातावरण में अधिक नमी के कारण

अत्यधिक वातावरणीय तापमान के तुरंत पश्चात सिंचाई करने से फलों का फटना की समस्या हो जाती हैं। नमी पाने से फल के भर एवं आयतन में तो वृद्धि हो जाती है, किंतु उसी अनुपात में फल के बाहरी आवरण की वृद्धि नहीं हो पाती है।

यह भी पढ़ें   फसल चक्र अपनाने का महत्व एवं उससे होने वाले लाभ

पोषक तत्वों की कमी

  • चेरी एवं अनार में बोरॉन की कमी के कारण फल फट जाते हैं। सेब के फल बोरॉन, तांबा तथा जिंक की कमी के कारण फट जाते हैं।
  • पौधों में जिंक की कमी होने पर ऑक्सीजन हार्मोन की भी कमी हो जाती हैं, क्योंकि ऑक्सीजन के संश्लेषण के लिए जिंक की आवश्यकता होती हैं। फलों में वृद्धि रोधक हार्मोन की अधिकता के फलस्वरूप भी फट जाते हैं।

इस तरह बचाव करें

  • सामान्य बड़े आकार के एवं अधिक परिपक्व फल छोटे आकार वाले फलों की तुलना में फटने के प्रति अधिक सुग्राही होते हैं।
  • फलों को फटने से बचाने के लिए 10 से 20 पी.पी.एम. मात्रा का छिड़काव करना चाहिए। एन.ए.ए. भी फल फटने से रोकने में सहायक सिद्ध होता है।
  • फलों को फटने से बचाने के लिए बोरान का 0% की दर से 15 दिन के अंतराल पर दो छिड़काव करना चाहिए। कैल्शियम सल्फेट, जिंक सल्फेट और कॉपर सल्फेट इत्यादि रसायन भी फलों को फटने से बचाने में सहायक है। पोटेशियम सल्फेट के 3 छिड़काव करने से फल कम फटते हैं।
  • अनार में फलों के फटने के प्रति प्रतिरोधी किस्म जैसे नासिक, डोलका, जालोर सीडलैस, बेदाना बोसेक का प्रयोग करना चाहिए। लीची की कोलकाता किस्म फटने के प्रति प्रतिरोधी किस्म है। चेरी की बिंग प्रजाति भी फटने के प्रति प्रतरोधी है।
  • अत्यधिक हवा वाले क्षेत्रों में फलों को फटने से बचाने के लिए उत्तर पश्चिम दिशा में गति अवरोधक वृक्षों की क़तर लगाना चाहिए।
  • फलों को तोड़ने से जमीन पर गिरने के कारण फल फट जाते हैं। जमीन पर मल्चिंग करना चाहिए। विभिन्न उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। जिससे फलों को तोड़ने पर कम नुकसान पहुंचता है।
यह भी पढ़ें   रबी फसल की बुवाई से पहले जान लें उनका क्या भाव मिलेगा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here