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शनिवार, अप्रैल 20, 2024
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उन्नत गन्ना किस्मों के बीज के भाव में की गई भारी कमी, अब इस भाव पर किसानों को मिलेंगे गन्ना बीज

गन्ना किस्मों के दाम

देश के अभी कई क्षेत्रों में गेहूं की कटाई के बाद गन्ना बुआई का कार्य किया किया जाना है। ऐसे में किसानों को गन्ने की विभिन्न किस्मों के उन्नत बीज उपलब्ध हो सके इसके लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग ने गन्ना किस्मों के बीजों के रेट में भारी कमी की है। किसान यह बीज गन्ना विकास परिषद के विभिन्न केंद्रों से खरीद सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग, श्री संजय भूसरेड्डी ने बताया कि प्रदेश में नवीन किस्मों की सुलभ उपलब्धता हेतु किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गन्ना किस्म को.शा. 13235 एवं को. 15023 के अभिजनक बीज गन्ने की निर्धारित दरों में कमी की गई है। अब यह गन्ना क़िस्में उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर से सम्बंधित केंद्रों चीनी मिल फार्मों से मात्र 850 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध हो सकेगी। 

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इन गन्ना किस्मों के रेट में की गई कमी

उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर तथा प्रदेश में स्थित इसके अन्य केंद्रों एवं सहकारी व निजी चीनी मिल फार्मों पर वैज्ञानिकों की देख रेख में नवीन किस्म का अभिजनक बीज गन्ना तैयार किया जाता है, जिसका वितरण प्रदेश में गन्ना शोध परिषद, शाहजहाँपुर द्वारा गन्ना विकास परिषदों के माध्यम से किसानों में किया जाता है। 

नवीन गन्ना किस्म को.शा. 13235 की दर जो पहले 1.20 रुपए प्रति बड अथवा 1275 रुपए प्रति क्विंटल थी उसे अब कम करके 850 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी तरह को. 15023 की दर जो 1.60 रुपए प्रति बड अथवा 1700 रुपए प्रति क्विंटल थी उसे कम करके 850 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इस सम्बंध में सभी केद्रों को विस्तृत दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

देरी से बुआई के लिए उपयुक्त है गन्ने की यह क़िस्में

अधिक जानकारी देते हुए गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गेहूं की कटाई के बाद गन्ने की बुआई की जाती है। गन्ने की इन दोनो किस्मों में शीघ्र बढ़वार एवं अधिक उत्पादन की क्षमता है तथा ये दोनों क़िस्में देर बसंत की बुआई हेतु उत्तम पायी गई है। देर बसंत की बुआई करने वाले किसानों के हितों को देखते हुए निर्णय लिया गया है।

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श्री भूसरेड्डी ने किसानों को सलाह दी है की तापमान में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है ऐसे में बुआई के समय मृदा एवं बीज में नमी का विशेष ध्यान रखें जिससे गन्ने का जमाव प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी सलाह दी है की बुआई के समय मृदा एवं बीज का उपचार अवश्य करें।

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