किसान न्याय योजना के तहत फसल उत्पादन हेतु सहायता राशि लेने के लिए किसान पंजीयन हेतु दिशा निर्देश जारी

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राजीव गाँधी किसान न्याय योजना के तहत पंजीकरण

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसानों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि देने की शुरुआत की गई थी | इस योजना के तहत देशभर के किसान परिवारों को 6 हजार रुपये तीन किश्तों में दिए जाते हैं | पीएम-किसान सामान निधि योजना की तर्ज पर कई राज्यों में किसान फसल उत्पादन के लिये आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण एवं नवीन कृषि तकनिकी जैसी चीजों में निवेश कर सके इसके लिए कई राज्य सरकारों ने भी किसानों के हाथों में सीधे पैसे देने के लिए योजनाओं की शुरुआत की है |

छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना–“राजीव गांधी किसान न्याय योजना” चलाई जा रही है जिसके तहत धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, रामतिल, कोदो, कुटकी तथा रबी में गन्ना के तहत किसानों को सीधे सहायता राशि दी जाती है | कृषि विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु खरीफ-2020 में योजना अंतर्गत सम्मिलित फसल एवं पेराई वर्ष 2020-21 के गन्ना फसल हेतु कृषकों के पंजीयन एवं पात्रता निर्धारण के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

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धान एवं मक्का फसल के लिए योजना में पंजीकरण के लिए किसान क्या करें

खरीफ वर्ष 2020-21 में धान एवं मक्का फसल का समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा कृषकों का पंजीयन किया गया है। खाद्य विभाग द्वारा पंजीकृत किसानों के डाटा को राजीव गांधी किसान न्याय योजना हेतु मान्य किया जाएगा तथा उपार्जित मात्रा के आधार पर अनुपातिक रकबा ज्ञात कर आदान सहायता राशि की गणना की जाएगी |

गन्ना फसल के लिए योजना में पंजीकरण के लिए किसान क्या करें

वह किसान जो गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 हेतु सहकारी शक्कर कारखाना में पंजीकृत रकबा को योजना अंतर्गत सहायता अनुदान राशि की गणना हेतु मान्य किया जाएगा।

अन्य फसल लगाने वाले कृषकों को कृषि साख सहकारी समिति में कराना होगा पंजीयन

धान, मक्का एवं गन्ना के अलावा अन्य फसल लगाने वाले कृषकों को संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। क्षेत्र ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किसानों के आवेदन पत्र का सत्यापन भुईया पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम की गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। सत्यापन उपरांत किसान को संबंधित सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। किसान को पूर्ण रूप से भरे हुए प्रपत्र के साथ आवश्यक अभिलेख जैसे ऋण पुस्तिका, आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति, संबंधित प्राथमिक सहकारी समिति में जमा कर निर्धारित समय-सीमा 30 नवंबर 2020 तक पंजीयन कराना होगा।

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योजना अंतर्गत सम्मिलित अन्य फसलों के लिए

राजस्व विभाग द्वारा किसानवार फसलवार शत-प्रतिशत (क्षेत्रच्छादन) का गिरदावरी करते हुए भुईया पोर्टल में इंद्राज किया जा रहा है। योजना अंतर्गत धान, मक्का एवं गन्ना उत्पादक कृषकों को छोड़कर शेष फसलों यथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग उड़द, कुलथी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी फसल हेतु आदान सहायता राशि की गणना संबंधित फसलों की गिरदावरी के अनुसार भुइयां पोर्टल में संधारित रकबा के आधार पर आनुपातिक रूप से की जाएगी।

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