खेती किसानी सम्बंधित गतिविधियों के लिये दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर मिलेगा अनुदान

2
963
views

खेती किसानी सम्बंधित गतिविधियों के लिये दीर्घ कालीन कृषि ऋण पर मिलेगा अनुदान

सहकारिता मंत्री श्री अजय सिंह किलक ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का निर्णय किया है। अब समय पर ऋण का चुकारा करने वाले काश्तकारों को 7.50 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। ब्याज अनुदान की यह योजना 31 मार्च, 2019 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत किसान लघु सिचार्इं, कृषि यंत्र एवं कृषि सम्बद्ध गतिविधियों के लिये ऋण ले सकेंगे।

उन्होंने बताया कि यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से कम है। श्री किलक ने बताया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, लेकिन ब्याज दर सर्वाधिक होने के कारण किसान को ब्याज चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और कृषि कार्यों में रूकावट भी पैदा होती थी।

यह भी पढ़ें   चुनाव से पहले किसानों को मिलेगा कर्ज माफी प्रमाण पत्र
31 मार्च तक मिलेगा लाभ

प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता श्री अभय कुमार ने बताया कि एक अप्रेल, 2018 से 31 मार्च, 2019 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण 12.50 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है। यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेने वाले ऋणों पर लागू होगी।

इन कार्यों के लिए ऋण लेने पर मिलेगा ब्याज अनुदान

रजिस्ट्रार, सहकारिता श्री राजन विशाल ने बताया कि किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नवकूप व नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसैट, फव्वारा व ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी व हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रेक्टर, कृषि यंत्रादि, थे्रसर, कम्बाईन हार्वेस्टर आदि को क्रय करने के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें   मात्र 10 हजार रूपये में 5 हार्स पावर का सोलर पम्प लगवाएं

उन्होंने बताया कि डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज व प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी व बाउण्ड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़, बकरी, सुअर व मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट व बैल गाड़ी क्रय जैसी कृषि संबद्ध गतिविधियों हेतु लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे।

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here