शेड नेट हाउस में पान की खेती पर सब्सिडी देने के लिए सरकार ने जारी किये 339.66 लाख रूपये

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शेड नेट हाउस में पान की खेती पर सब्सिडी की राशि

भारत देश में पान बहुत ही प्रसिद्ध है इसका उपयोग शोकिया तौर पर खाने के आलवा पूजा पाठ में भी किया जाता है| पान का तेल औषधीय  गुणों से युक्त होता है, जिसके कारण इसका उपयोग ज्यादा बढ़ जाता है परन्तु पान की खेती करना बहुत ही कठिन काम है | पान का पौधा न तो अधिक ठंड को ही सहना कर सकता है और न ही अधिक गर्मी को | किसान पान की खेती को बरेजा के अंदर करते हैं | बरेजा के निर्माण बांस, पुआल, कंस, सुतली इत्यादी के उपयोग कर बनाया जाता है , जो प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हो जाता है |

बरेजा के अंदर पटवन करने पर भी काफी खर्च और परिश्रम लगता है तथा पान उत्पादन हेतु संतुलित वातावरण नहीं मिलने के कारण रोग एवं ब्याधि के प्रकोप की संभावना जिसमें सूक्ष्म सिंचाई यथा – ड्रिप एवं फागर से की व्यवस्था रहती है | खर्चीली होने के कारण सभी किसान पान की खेती नहीं कर पाते हैं इसलिए सरकार द्वारा किसानों को पान की खेती को बढ़ावा देने के उदेश्य से सब्सिडी दी जाती है |

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बिहार के कृषि मंत्री द्वारा वर्ष 2019–20 एवं 2020- 21 के लिए शेडनेट में पान की खेती का प्रत्यक्षण की योजना के लिए कुल 339.66 लाख रुपया की योजना स्वीकृत की गई है |  यह योजना कुछ चुंनिंदा जिलों में लागु की गई है | इसकी पूरी जानकारी किसान समाधान लेकर आया है | शेड नेट हौसे में पान की खेती करने के लिए सरकार द्वारा 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है |

किन जिलों में पान की खेती के लिए अनुदान दिया जायेगा

इस योजना का संचालन मुख्य रूप से कृषि रोड मैप में चिन्हित पान विकास के जिला नवादा, नालंदा, गया एवं मधुबनी के अलवा 13 अन्य जिलों यथा – वैशाली, खगड़िया, दरभंगा, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, औरंगाबाद, शेखपुरा, बेगुसराय, सारण, सिवान, एवं मुंगेर जहाँ पान की खेती होती है , कराया जायेगा |

इसके अलवा शेडनेट में पान की खेती प्रत्यक्ष का एक इकाई बिहार कृषि विश्वविध्यालय, सबौर, भागलपुर के पान अनुसंधान केंद्र, इस्लामपुर, नालंदा में शत–प्रतिशत अनुदान पर करवाई जाएगीताकि प्रत्यक्ष का परिणाम तकनीकी रूप से भी परिलक्षित हो सके | साथ ही साथ आयल के औषधिय महत्व को देखते हुए पान आयल आसवन इकाई की स्थापना भी पान अनुसंधान केंद्र में की जायेगी |

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शेड नेट में पान की खेती करने से फायदे

नेट के अंदर पान के खेती करने से कीट–ब्याधियों के प्रकोप से बचाव होता है | जिससे पान के गुणवत्तायुक्त पत्तियों के उत्पादन में वृद्धि होगी | साथ ही साथ शेडनेट के भीतर किसान भाई परवल, अरवी, मिर्च, लौकी, ककड़ी, पालक, अदरक आदि का सफलतापुर्वक मिश्रित खेती से अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं |

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4 COMMENTS

    • जी वहां के अधिकारीयों को सूचित कर सर्वे करवाएं |

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