सरकार किसानों को नलकूप की स्थापना के लिए दे रही है 1.78 लाख रुपये तक, अभी आवेदन करें

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नलकूप स्थापना हेतु अनुदान योजना

खेती करने के लिए पर्याप्त मात्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण किसान को भू जल पर निर्भर रहना पड़ रहा है | इसके लिए दिन–प्रति दिन भू–जल पर कृषि की निर्भरता बढती ही जा रही है | एक तरफ किसानों की जोत कम होते जाना तो दुसरे तरफ भू जल की कमी होना दोनों किसानों के लिए समस्या बनते जा रहा है | अधिक भू – जल के दोहन से जल स्तर नीचे जा रहा है इससे किसानों को बोर और अधिक करना पद रहा है | इसके लिए लागत भी अधिक बढ़ता जा रहा है | किसानों को आर्थिक मजबूती नहीं रहने के कारण किसान सरकार के द्वारा दिए जाने वाले सब्सिडी पर निर्भर रहता है | इस के चलते अलग – अलग प्रदेश के सरकार अपने किसानों को समय – समय पर आर्थिक मदद देती है |

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार लागु सिंचाई संसाधनों के माध्यम से किसानों के हर खेत , हर फसल को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी नलकूप की स्थापना करा रही है | उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए अनुदान के साथ – साथ तकनीकी दिशा निर्देश भी दे रही है | इस योजना से प्रदेश में सिंचित क्षेत्र की रकबा में बढ़ोतरी हुआ है | इस योजना की पूरी जानकारी किसान समाधान लेकर आया है |

यह योजना किस राज्य के लिए है ?

यह योजना अभी उत्तर प्रदेश राज्य के लिए है | उत्तर प्रदेश के किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं |

नलकूप स्थापना के लिए योजना क्या है ?

सिंचाई के बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में किसानों को अनुदान पर निजी नलकूप लगाया जा रहा है | इस योजना के तहत प्रदेश के मैदानी भागों में सामन्यत: भूमि तल से 30 मी. की गहराई तक उथली बोरिंग,  31 से 60 मी. तक माध्यम एवं 61 मी.से 90 मी. तक गहराई पर पानी होने की दशा में गहरी बोरिंग किसानों की मांग के क्रम में नियमानुसार कराई जाती है | प्रदेश के पठारी क्षेत्रों में ब्लास्टवेल, हैविरिंग बोरिंग, गहरे नलकूप इंवेलरिंग द्वारा कूप बोरिंग चैकडैम, बन्धी आदि के माध्यम से किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कराई जा रही है |

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किसानों को नलकूप स्थापना के लिए कितनी सब्सिडी दी जा रहा है ?

किसानों को तीन तरह के सब्सिडी दिया जा रहा है | इसके तहत लघु सिंचाई, मध्यम सिंचाई तथा गहरी सिंचाई के लिए अलग – अलग अनुदान है | यह इस प्रकार है :-

  1. लघु सिंचाई विभाग द्वारा संचालित नि:शुल्क बोरिंग / उथले नलकूप योजनान्तर्गत लघु / सीमान्त श्रेणी के कृषकों के यहाँ उथले नलकूपों का निर्माण कराकर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराती है | जिसके अंतर्गत लघु श्रेणी के कृषक को बोरिंग पर 05 हजार रूपये एवं पम्पसेट पर 45 सौ रूपये का अनुदान दिया जाता है | सामान्य सीमांत श्रेणी के लाभार्थी को बोरिंग पर 07 हजार रूपये का अनुदान एवं पम्पसेट पर 06 हजार का अनुदान दिया जाता है | अनुसूचित जाती के लाभार्थी को 10 हजार का अनुदान बोरिंग पर एवं 09 हजार रूपये का अनुदान पम्पसेट पर दिया जाता है | चालू वर्ष में 114792 किसानों के खेतों पर नि:शुल्क बोरिंग कराये जा रहे हैं |
  2. मध्यम गहरी बोरिंग योजनान्तर्गत सभी श्रेणी के किसान पात्र है इस बोरिंग में 31 से 60 मी. गहराई की बोरिंग की जाती है | नलकूप पर 0.85 लाख रूपये का अनुदान व विधुतीकरण मद में 0.68 लाख कुल 1.53 लाख रूपये का अनुदान प्रदेश सरकार देती है | वित्तीय वर्ष 2019 – 20 कुल लक्ष्य 4605 किसानों के खेतों पर बोरिंग करायी जा रही है |
  3. पानी का तल नीचे होने पर गहरी बोरिंग करायी जाती है | गहरी बोरिंग योजनान्तर्गत सभी श्रेणी के कृषक पात्र है | इस बोरिंग में 61 से 90 मी. गहराई की बोरिंग की जाती है | नलकूप पर 1.1 लाख रूपये व विधुतीकरण हेतु 0.68 लाख रूपये कुल 1.78 लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है | वर्ष 2019 – 20 में कुल 1690 बोरिंग करायी जा रही है |
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इसके अलवा भी एक तरह की और योजना इसके साथ जुदा है | यह सामूहिक नलकूप (सामान्य) योजना है | इसके अंतर्गत समूह का गठन कर 61 से 90 मी. की गहराई तक बोरिंग , प्म्सेट स्थापना व पम्प हॉउस निर्माण किया जाता है जिसमें न्यूनतम 10 किसानों के समूह का गठन किया जाता है | समूह की भूमि 10 हे. होना आवश्यक है, जिसमें कुल 3.92 लाख रूपये (विधुतीकरण 0.68 लाख रूपये) शीत अनुदान देय है | समूह के गठन में अनुसूचित जाती / जनजाति / अन्य पिछड़ा जाति / अल्पसंख्यक / गरीबी रेखा के नीचे / अन्य वर्ग के कृषकों को वरीयता डी जाती है | इस योजना में लघु एवं सीमांत कृषकों के सदस्यों की जोत समूह के सदस्यों की कुल जोत के 25 प्रतिशत से अधिक होगी |

अन्य योजना भी इसके साथ चल रहा है :-

  • वित्तीय वर्ष 2019 – 20 कुल लक्ष्य 100 समूह न्ल्कुप्न की बोरिंग करायी जा रही है | अनुसूचित जाती / जनजाति बाहुल्य कृषि क्षेत्र में भी विधुत शीत 05 लाख रूपये अनुदान देते हुए गठित समूह को भी नलकूप स्थापना हेतु बोरिंग करायी जाती है |
  • बोर के अलावा भी राज्य सरकार वर्ष के पानी का संचय तथा उपयोग के लिए राज्य में कुल 152 चेकडैम का निर्माण करा रहा है | वर्ष जल संचयन एवं भूजल संवर्धन योजना के अंतर्गत राज्य भूजल संरक्षक मिशन के अन्तर्गत चयनित विकास खंडों में वर्षा 2019 – 20 में 47.60 करोड़ रूपये से 116 तालाबों का चयन कर जीर्णोद्धार / निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया गया है |

नलकूप स्थापना सब्सिडी के लिए आवेदन हेतु क्लिक करें

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    • अपने यहाँ के सिंचाई विभाग या कृषि विभाग से सम्पर्क करें |

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