धान के स्थान पर वैकल्पिक खेती करने पर सरकार दे रही है 7,000 रुपये प्रति एकड़, यहाँ करें आवेदन

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dhaan ki vaikalpik kheti anudan yojna

धान की वैकल्पिक खेती हेतु मेरा पानी मेरी विरासत योजना

वर्ष में एक से ज्यादा तथा अधिक पानी वाली फसल कि खेती करने पर भूमिगत पानी का अत्यधिक दोहन होने से लगातार पानी का जल स्तर नीचे जा रहा है | जहाँ पहले 20 से 25 फीट पर पानी मिल जाता था वहां अब यह जल स्तर 40 फीट से भी नीचे जा चुका है | इसको रोकने के लिए देश भर में केंद्र सरकार के द्वारा सूक्ष्म सिंचाई पर जोर दिया जा रहा है | इसके साथ ही खरीफ मौसम में धान तथा गन्ने कि फसल के स्थान पर अन्य फसल लगाने का सुझाव भी दिया जा रहा है | सरकार द्वारा इसके लिए किसानों को प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है |

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में “मेरा पानी मेरा विरासत” नाम की योजना का शुरुआत की है जो धान कि खेती के स्थान पर दुसरे खरीफ फसल बोने पर प्रोत्साहन राशि दे रही है | राज्य सरकार ने धान की खेती को सिमित करने के लिए तथा आने वाली विरासत के लिए पानी रह सके इसलिए यह योजना कि शुरुआत की है | किसान समाधान इस योजना का विस्तृत जानकारी लेकर आया है |

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत दिया जाने वाला लाभ

  • योजना के तहत जिस किसान ने अपनी कुल जमीन के 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र पर धान के बजाय मक्का / कपास / बाजरा / दलहन / सब्जियां इत्यादि फसल उगाई है तो उसको 7,000 /- रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्रदान की जाएगी | परंतु यह राशि उन्ही किसानों को ही दी जायेगी जिन्होंने गतवर्ष (खरीफ 2019–20) के धान के क्षेत्र में से 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में फसल विविधिकरण अपनाया है |
  • उपरोक्त राशि 7,000 /- रूपये प्रति एकड़ के अतिरिक्त जिन किसानों ने धान के बजाय फलदार पौधों तथा सब्जियों की खेती से फसल विविधिकरण अपनाया है उनको बागवानी विभाग द्वारा चालित परियोजनाओं के प्रावधान के अनुसार अनुदान राशि अलग से दी जायेगी |
  • इसके अलवा राज्य सरकार ने 40 मीटर तथा 35 मीटर के दो अलग–अलग जों में फसल तथा शर्ते लागु किया है जी इस प्रकार है |
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40 फीट नीचे जलस्तर वाले क्षेत्रों में धान की वैकल्पिक खेती करने पर लाभ 

  • इस योजना के तहत 8 खण्डो (रतिया, सिवान, गुहला, पिपली, शाहबाद, वबैना, इस्माईलाबाद, सिरसा) के वे गाँव जिनका भूजल स्तर 40 मीटर व अधिक है, वहाँ के किसानों को वैकल्पिक फसलों (मक्का / कपास/बाजरा/दलहन/सब्जियों व फल) की खेती कम से कम 50 प्रतिशत धान के क्षेत्र में विविधिकरण करने की सलाह दी जाती है |
  • इन खंडों के किसान प्रति एकड़ वित्तीय लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे जो अपने पिछले खरीफ सीजन (2019 – 20) के धान के क्षेत्र का 50 प्रतिशत व अधिक विविधिकरण करेंगे |
  • विभाग द्वारा वैकल्पिक फसलें जैसे मक्का, बाजार व कपास का फसल बीमा भी सरकारी खर्च पर किया जायेगा |
  • लक्षित 8 ब्लाक में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र (47595 हेक्टेयर) जहाँ पर विविधिकरण के अंतर्गत वैकल्पिक फसल लगाना संभव नहीं हे एसे किसान संबंधित कृषि अधिकारी को बासमती किस्म, सीधी बिजाई (डी.एस.आर.) द्वारा धान लगाना व साधारण धन की बिजाई करने के लिए आवेदन कर सकेंगे |
  • वे सभी किसान जो 50 एच.पी. इलेक्ट्रिक मोटर के साथ अपने ट्यूबवेल का संचालन कर रहे हैं , उन्हें एसे क्षेत्रों में धान न उगाने की सलाह दी जाती है |
  • मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए न्यूमैटिक मक्का बिजाई मशीन सरकारी खर्च पर उपलब्ध करवाएगा तथा सामान्य मक्का बिजाई करने वाली मशीनों पर 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान भी होगा |

35 फीट नीचे जलस्तर वाले क्षेत्र में धान की वैकल्पिक खेती करने पर लाभ

  • चयनित 12 खंडों (रतिया, फतेहाबाद, जाखल, सिवान, गुहला, पिपली, शाहाबाद, बबैन, इस्माईलाबाद, थानेसर, फेवा, सिरसा) के वे गाँव जिनका भूजल स्तर 35 मीटर व अधिक है, वहां की ग्राम पंचायतों को उनके अधीन कृषि पर भूमि धान लगाने की अनुमति नहीं होगी | धान के स्तान पर अन्य वैकल्पिक फसलों के विविधिकरण के बदले वित्तीय सहायता संबंधित ग्राम पंचायतों को दी जाएगी |
  • इस योजना के अंतर्गत सभी वैकल्पिक फसलों जैसे मक्का / बाजरा / दलहन की खरीदी हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही की जायेगी | एसा हरियाणा में पहली बार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा |
  • योजना के अन्तर्गत 40 मीटर व अधिक भूजल स्तर वाले 8 चयनित ब्लाकों के वे गाँव जिनका भूजल स्तर 40 मीटर व अधिक है, वैकल्पिक फसलों द्वारा विविधिकरण करने पर टपका सिंचाई प्रणाली की स्थापना के लिए 85 प्रतिशत से अधिक अनुदान प्रदान किया जायेगा | किसानों को केवल जी.एस.टी. देना होगा |
  • इस विविधिकरण योजना के अंतर्गत किसानों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा वेब पोर्टल भी लांच किया गया है जिसमें किसान स्वयं, सी.एस.सी.व कृषि विभाग के माध्यम से पंजीकरण करवा सकते हैं |
  • किसानों द्वारा उत्पादित मक्का की नमी को कम करने के लिए संबंधित अनाज मंडियों में सरकार द्वारा मक्का ड्रायर भी उपलब्ध करवाए जायेंगे |
  • फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने तथा तकनीकी जानकारी हेतु प्रत्येक ब्लाक में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञानं केन्द्रों द्वारा प्रदर्शन प्लाट लगाये जाएंगे |
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योजना के लिए संबंधित दस्तावेज जरुरी है

  • आधार कार्ड, बैंक पास बुक
  • मोबाईल नंबर
  • भूमि का विवरण (एकड़ / कनाल / मरला)
  • धान के विकल्प पर बोये जाने वाले दुसरे फसल कि जानकारी होना चाहिए |

योजना का लाभ लेने के लिए यहाँ करें आवेदन

मेरा पानी मेरा विरासत योजना के लिए आवेदन जारी है | इसके लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं | किसान को योजना के लिए आधार नंबर जरुरी है | आधार नंबर से ही योजना का फार्म खुलेगा |

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की पूरी जानकारी के क्लिक करें

पंजीकरण का लिंक

http://117.240.196.237/FarmerRegistration.aspx

बाढ़ क्षेत्र प्रभावित के लिए

http://117.240.196.237/alternateCropRegistration.aspx

अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर कॉल करें

इस योजना से जुड़े किसी भी जानकारी के लिए टोल फ्री 18001802117 नंबर पर फोन करें |

टेलीफोन नंबर 0172 – 2571553, 2571544

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25 COMMENTS

    • कब हुई है सर ? फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नम्बर पर या स्थानीय अधिकारीयों को सूचित कर सर्वे करवाएं |

    • किस राज्य से हैं ? यह योजना हरियाणा के लिए है ऑनलाइन आवेदन करें

    • जी किस राज्य से हैं ? आपने कब आवेदन किया था ?

    • किस राज्य से हैं सर ? कब फसल बर्बाद हुई है ? फसल बीमा है तो कमपनी सीओ कॉल कर सूचित करें |

    • किस राज्य से हैं ? जजब आवेदन हो तब आवेदन करें |

  1. सोलर पैनल के लिए अप्लाई कैसे करें किस अधिकारी के पास। धान के स्थान से मक्का की खेती करना चाहते हैं अनुदान मिल जाएगा पानी की बचत के लिए …………….

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