सरकार ने डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र की इन योजनाओं को किया बंद

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pashupalan & Dairy yojana

पशुपालन एवं डेयरी योजनाएं

देश में दूध उत्पादन बढ़ाने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के उद्देश्य से डेयरी एवं पशु पालन विभाग के द्वारा कई योजनाएं चलाई जाती हैं | जिसके तहत लाभार्थियों को सरकार द्वारा पशुपालन या डेयरी व्यवसाय का काम प्रारंभ करने के लिए सब्सिडी एवं कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है | ऐसी कुछ नई योजनाएं केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गई है एवं कुछ योजनाओं को सरकार ने बंद कर दिया है |

केंद्र सरकार के द्वारा संचालित पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित दो योजनाओं को बंद कर दिया गया है | यह दोनों योजनाएं अनुदान पर डेयरी शुरू करने से सम्बंधित थी | जिससे अब पशुपालकों को मिलने वाले लाभ इन दोनों योजनाओं से बंद हो गए है | इसके आलवा पशुपालन एवं डेयरी से जुडी अन्य योजनाओं को यथावत रूप से जारी रखा गया है |

इन योजनाओं को किया गया बंद

लोकसभा में डॉ. श्री. सुकांत मजूमदार एवं श्री. ज्योतिर्मय सिंह महतो के द्वारा पूछे गए सवाल पशुपालन हेतु विकास योजनाएं के जवाब में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री पुरषोत्तम रुपाला ने देश में मछली पालन, पशुपालन एवं डेयरी के लिए चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी | उनके अनुसार इस क्षेत्र में चल रही इन दो योजनों को पिछले दो वर्षों में बंद किया गया है,यह दोनों योजनायें इस प्रकार है :-

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राष्ट्रीय डेयरी योजना को 29 नवम्बर 2019 को समाप्त कर दिया गया है वहीँ  डेयरी उद्धमिता विकास योजना को वर्ष 2020–21 में बंद किया गया है |

यह योजना का लाभ किसे मिलता था ?

डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ किसान, व्यक्तिगत उद्धमी, गैर सरकारी संगठन, कंपनियां, असंगठित और संगठित क्षेत्र के समूह इत्यादी ले सकते थे | जिसमें संगठित क्षेत्र के समूह में स्वयं सहायता समूह, डेयरी सहकारी समिति, दुग्ध संगठन, दूध महासंघ आदि शामिल हैं|

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