किसानों के लिए खुशखबरी, यह चीनी मिल हुई फिर से शुरू

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चीनी मिल हुई फिर से शुरू

वर्ष 2011 से बंद चीनी मिल को फर से शुरू कर दिया गया है | इसके लिए किसानों की तरफ से लगातार आवाज उठाई जा रही थी | गोरखपुर के पिपराइच चीनी मिल वर्ष 2011 से बन्द थी जिससे वहां के लगभग 30 हजार किसान सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे थें  परन्तु अब तक मुख्य मंत्री का जिला होने के कारण इस चीनी मिल के शुरू होने की संभावना बनी हुई थी | लगभग 8 वर्ष बाद किसानों की यह मांग मुख्यमंत्री ने पूरा कर दिया है |

50,000 क्विंटल तक पेराई कर सकेगी चीनी मिल

इस बार चीनी मिल पहले से ज्यादा क्षमता के साथ शुरू की गई है | जहाँ पहले केवल 8,000 क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता थी वहीं इस बार शुरू होने से पहले ही इसे बढ़ाकर 50,000 किवंटल कर दी गई है | पेराई सत्र 2019 – 20 में चीनी मिल द्वारा लगभग 60 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई सम्भावित है , जिससे 6.25 लाख किवंटल चीनी का उत्पादन होगा | चीनी मिल के शुरू होने से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल सकेगा | चीनी मिल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 8500 लोगों को रोजगार मिल सकेगा |

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गन्ना का किसानों को भुगतान

गन्ना मिल तथा किसानों के बीच एक बड़ी समस्या गन्ने की भुगतान को लेकर रहता है | कुछ क्षेत्रों में किसानों को एक से 3 वर्ष तक गन्ने की भुगतान नहीं हो पाता है | गन्ना मिल राज्य सरकार पर निर्भर रहता है तथा सहायता की उम्मीद लगाए रहती है | इससे किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है |

इस बार पिपराइच चीनी मिल ने कंपनी के अन्दर ही 5000 टी.सी.डी क्षमता की नई मिल स्थापित की गयी है जो 7500 टी.सी.डी. तक विस्तार हो सकती है | इस चीनी मिल से 27 मेगावाट की बिजली उत्पादन संयंत्र की स्थापना किया है जो चालू अवस्था में है | इस 27 मेगावाट में से 2 से 3 मेगावाट बिजली का उत्पादन पिपराइच चीनी मिल करेगा | बाकि के बिजली को आस–पास के किसानों या अन्य लोगों को बेचा जायेगा जिससे 30 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हो सकेगा | इस 30 करोड़ रूपये से किसानों को समय पर गन्ने की भुगतान किया जायेगा |

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