आज से यहाँ के किसान भी समर्थन मूल्य पर बेच सकेगें चना, सरसों तथा मसूर की उपज

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चना, सरसों तथा मसूर की उपज बिक्री

कई राज्यों में रबी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी 15 अप्रैल शुरू हो गई है लेकिन कुछ राज्यों ने रबी फसल की खरीदी फसल के आधार के साथ ही जिलों के आधार पर कर रही है | हरियाणा राज्य ने सरसों तथा चना की खरीदी 15 अप्रैल से शुरू की तो गेहूं की खरीदी 20 अप्रैल से प्रदेश भर में खरीदी कर रही है | राजस्थान कोटा संभाग में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीदी कर रही है तो अन्य संभागों में 1 मई से रबी फसल की खरीदी करने जा रही है | इसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार ने 15 अप्रैल से इंदौर, भोपाल तथा उज्जैन जिलों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में 15 अप्रैल से गेहूं कि खरीदी कर रही है | जबकि 29 अप्रैल से भोपाल, इंदौर तथा उज्जैन को छोड़ सभी जिलों में मसूर तथा चने की खरीदी कर रही है | इसके साथ सरसों कि खरीदी 1 मई से शुरू करने करने जा रही है | आज से मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं चना एवं सरसों समर्थन मूल्य पर बेच सकेंगे |

इस प्रकार का फसलों के आधार पर खरीदी करने का फैसला तारीख में अंतर कोरोना वायरस के कारण लिया गया है | खरीदी केन्द्रों पर किसनों की भीड़ इकट्ठा न हो इसके लिए किसानों को मंडी एवं सोसायटी में किसानों को प्रतिदिन सिमित संख्या में बुलाया जा रहा है परन्तु खरीदी में तेजी लाने के लिए रविवार को भी खरीदी की जा रही है |

राजस्थान में 1 मई से 782 खरीदी केन्द्रों पर किसान बेच सकेगें सरसों एवं चना

राजस्थान एक प्रमुख शासन सचिव सहकारिता एवं कृषि श्री नरेश पाल गंगवार ने कहा कि राज्य में 1 मई से 782 खरीद केद्रों पर सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू की जाएगी |  उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों के खरीद केन्द्रों की तुलना में दुगने से अधिक केंद्र स्थापित कर किसानों को अपने खेत के नजदीक उपज बेचान की व्यवस्था दी गई हैं | कोटा संभाग में 16 अप्रैल से जारी समर्थन मूल्य पर 5500 से अधिक किसानों से 19 हजार 412 मीट्रिक टन की खरीदी हो चुकी है | 

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राज्य में स्थापित खरीदी केंद्र

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि किसानों से सीधी खरीद हेतु 136 मुख्य अनाज मंडियों में से 130 मंडियों , 296 गौण मंडियों में से 280 मंडियों ने अपना कार्य शुरू कर दिया है | 1426 कृषि प्रसंस्करण यूनिट को लाईसेंस जारी हो चुकी है | जिसमें से 897 कार्य कर रहे हैं तथा 560 गौण मंडियाँ घोषित जीएसएस एवं केवीएसएस में से 220 ने भी कार्य शुरू कर दिया गया है | उन्होंने निर्देश दिए कि कर्फ्यू क्षेत्र को छोड़कर शेष क्षेत्र में समन्वय बनाकर किसानों से सीधे खरीद हेतु प्रोत्साहित किया जाए एवं अक्रियाशील गौण मंडियों को सक्रिय किया जाए |

राजस्थान में 1 मई से शुरू होने वाले रबी फसल की सरकारी खरीदी 90 दिनों तक चलेगी | इसके लिए राज्य में खरीदी केन्द्रों की संख्या को बढ़ाया गया है | इस 90 दिनों में राज्य के किसानों से 16.62 लाख मीट्रिक टन सरसों तथा चना की खरीदी की जाएगी |

जिलेवार समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र जानने के लिए क्लिक करें

उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसान पंजीयन

कोरोना वायरस के वजह से राज्य में रबी उपज को बेचने के लिए किसानों के द्वारा पंजीयन नहीं किया जा सका था | लोगों के भीड़ इकट्ठा होने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने पंजीयन को बंद कर दिया था | अत: जिन किसनों का पंजीयन नहीं हुआ है वह 1 मई से  ई मित्र पोर्टल पर पंजीयन करवा सकते हैं  |

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मध्य प्रदेश में 55 केन्द्रों पर खरीदी प्रारंभ

मध्य प्रदेश के कृषि कल्याण अट्टहा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि प्रदेश में चना, मसूर, सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ हो गई है | प्रदेश में कुल 848 खरीदी केन्द्रों पर यह खरीदी की जाएगी | प्रथम दिन 55 केन्द्रों पर खरीदी की गई है |

एक दिन में 79 मीट्रिक टन चना खरीदा गया

श्री पटेल ने कहा कि खरीदी के प्रथम दिन 67 किसानों से 79 मीट्रिक टन चना खरीदा गया | यहाँ पर यह जानना जरुरी है कि सरसों की खरीदी अभी शुरू नहीं हुई थी | सरसों कि खरीदी 1 मई से शुरू की जा रही है  |

सौदा एवं अनुबंध–पत्रकों के माध्यम से खरीदी

प्रदेश में व्यापारियों द्वारा किसानों से सीधे सौदा एवं अनुबंध – पत्रक के माध्यम से चना, मसूर एवं सरसों का क्रय किया गया | भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर रीवा, सागर और उज्जैन संभाग के 257केन्द्रों पर विक्रय संव्यवहार किया गया | श्री पटेल ने बताया कि विक्रय केन्द्रों पर 98 मंडियों में सौदा – पत्रक के माध्यम से विक्रय किया गया | इसमे 1025 सौदा – पत्रक और 1063 अनुबंध – पत्रक के माध्यम से 2088 विक्रय संव्यवहार किये गये | इसमें 4440 टन चने का विक्रय किया गया, जो कुल विक्रय का 62 प्रतिशत था |

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