शनिवार, 12 जुलाई के दिन उज्जैन के कालिदास अकादमी परिसर में राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मछुआ समुदाय अपने जीवन को खतरे में डालकर पानी में खेती करता है, यह साहस का कार्य है। मछली और मछुआरों का सदियों से संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि मछुआ कल्याण बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित हैं। मछली पालन भी एक उद्योग है, इसे अन्य उद्योगों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 2 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का भूमि-पूजन और इंदिरा सागर बांध में लगभग 92 करोड़ लागत से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया।
मछली पालन के लिए मिलेगा अनुदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मछली पालन सिर्फ पारम्परिक कार्य नहीं, एक आधुनिक उद्योग है। इसमें निवेश बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क (मछलीघर) का निर्माण किया जा रहा है। सरकार मछली पालन के लिए मछुआरों को अनुदान देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है, जिसका लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है। पिछली सरकार में प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी, यह रकबा हमारी सरकार में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना से सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा। कई तालाब भी बनाए जाएंगे। मछलियां कई लोगों के लिए आजीविका का साधन हैं। इंदिरा सागर सहित अन्य जलाशयों में 3 लाख से अधिक केज स्थापित किए जाएंगे।
मछुआरों को दी गई आइस बॉक्स लगी मोटरसाइकिलें
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मछुआरों को 430 मोटर साइकिलें बांटी गई हैं, जिनमें आईस बॉक्स भी लगे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 4.4 लाख हेक्टेयर में मछली पालन कार्य हो रहा है, वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मछली उत्पादन 3.81 लाख मैट्रिक टन रहा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक मत्स्य पालक पंजीकृत हैं। महिलाएं भी इस व्यवसाय में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि 217 करोड़ लागत से मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। इससे बीज के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म होगी। हमारी सरकार दूध उत्पादन और मस्त्य उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बदलते समय में मछली पालन क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का उपयोग और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं।




Ham sabv machine Palan karte hai or makhana ka khetee karte hai or hamsvko koee Anudan ni military
सर बिहार में मखाना की खेती के लिए https://horticulture.bihar.gov.in/ लिंक पर अनुदान के लिए जब आवेदन हो तब आवेदन करें। एवं मछली पालन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए https://fisheries.bihar.gov.in/ लिंक पर पंजीयन कर आवेदन करें।
Ham savko ko koee anodan nahi miltaa
सर बिहार में मछली पालन की योजना का लाभ लेने के लिए https://fisheries.bihar.gov.in/ पर आवेदन करें।
Garm Arjuni