किसान न्याय योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में दी गई 1500 करोड़ रुपये की पहली किश्त

6
28431
nyaya yojna ki pahali kisht

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त

कोविड-19 महामारी के चलते देश में सभी को नुकसानी का काम करना पड़ रहा है ऐसे में थोड़ी सी आर्थिक मदद भी काफी है | किसानों की आय दुगनी करने एवं उनकी आय में सुधार के लिए सरकारों के द्वारा कई योजनाओं की शुरुआत की गई हैं | इन योजनाओं में कई ऐसी योजना भी है जिनमें किसानों के बैंक खातों में राशि दी जा रही है | केंद्र सरकार की योजना किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर कई राज्यों की सरकारों के द्वारा भी किसानों के बैंक खतों में सीधे पैसे देने के लिए योजना चलाई जा रही है | इन राज्यों में अब छत्तीसगढ़ राज्य का नाम भी जुड़ गया है | छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना – राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ किया गया |

शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद श्री राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना संकट की स्थिति को देखते हुए मैंने प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया था कि गरीबों को इस वक्त कर्ज की नहीं बल्कि नगद राशि की जरूरत है। इसका बढ़िया रास्ता छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाला है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने किसानों को मदद पहुंचाने के लिए उनके खाते में सीधे राशि दी है। इस योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली 5,750 करोड़ रूपए की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 1,500 करोड़ रूपए की राशि अंतरित कर दी गई है |

यह भी पढ़ें   खरीफ फसल की खरीदी से पहले ही घोटाले की आशंका

धान उत्पादक किसानों को 10 हजार एवं गन्ना उत्पादक किसानों को दिए गए 13 हजार रुपये

योजना की प्रथम किश्त की राशि 1500 करोड़ रूपये हम सीधे किसानों के खाते में अंतरित कर दी गई हैं। योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को इस वर्ष 5750 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत धान की खेती के लिये किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपये तथा गन्ना की खेती के लिये प्रति एकड़ 13000 रूपये आदान सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि हमनें अब तक धान खरीदी, कर्जमाफी, फसल बीमा, सिंचाई कर की माफी और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर किसानों को 40 हजार 700 करोड़ रूपये उनके खातों में सीधे अंतरित किए है।

इस योजना में राज्य सरकार ने खरीफ 2020 से इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है। सरकार ने यह भी कहा है कि अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लेता है और इस साल धान के स्थान पर योजना में शामिल अन्य फसल लेता हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी।

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

6 COMMENTS

    • यह योजना छत्तीसगढ़ के लिए है | सर आपने संमर्थन मूल्य पर जो उपज बेचीं हो उस समय जो पंजीयन होगा उसके अनुसार | आप अपने यहाँ के पटवारी से सम्पर्क करें |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here