Thursday, December 1, 2022

किसान इस एप पर अब ऑनलाइन देख सकेगें गिरदावरी रिपोर्ट

Must Read

सारा एप पर जियो फेंस तकनीक से होगी गिरदावरी

फसल बेचने एवं फसल का नुकसान होने पर मुआवजा आदि के कार्यों के लिए गिरदावरी की आवश्यकता होती है | ऐसे में फसलों की सही गिरदवारी होना आवश्यक है, जिससे फसलों की सही जानकारी एकत्रित कर किसानों को सही-सही लाभ पहुँचाया जा सके | इसके लिए कृषि क्षेत्र में सरकार द्वारा लगातार नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है | ऐसी ही नई तकनीक का प्रयोग अब मध्यप्रदेश राज्य सरकार करने जा रही है | जिसके तहत किसानों की फसलों की सही गिरदावरी सीधे एप पर अपलोड की जाएगी, जिसे आमजन द्वारा पोर्टल पर देखा जा सकता है।

सारा एप में किया जायेगा में जियो फेंस तकनीक का उपयोग

मध्यप्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण फसल गिरदावरी कार्य सुनिश्चित करने के लिए सारा एप में जियो फेंस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में आयुक्त भू-अभिलेख ने सभी कलेक्टर्स को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि अभी तक फसल गिरदावरी का काम सारा एप के माध्यम से ही किया जा रहा है। परंतु अब गुणवत्तापूर्ण गिरदावरी जाँच का काम भी जियो फेंस तकनीक के साथ सारा एप के माध्यम से किया जायेगा।

यह भी पढ़ें   मटर की उन्नत खेती के लिए किसानों को दिया गया प्रशिक्षण एवं खाद-बीज

किसान ऑनलाइन देख सकते हैं गिरदावरी

- Advertisement -

राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गिरदावरी डाटा का उपयोग ई-उपार्जन, फसल बीमा आदि योजनाओं में किया जाता रहा है। ई- उपार्जन से प्राप्त होने वाली फसल की जानकारी में विसंगति की शिकायतों के लंबित रहने पर फसल कटने के बाद शिकायत निराकरण में कठिनाई होती है। जियो फेंस तकनीक के उपयोग से फसल गिरदावरी के डाटा मे सुधार हुआ है।

इस तकनीक में खेत में जाकर गिरदावरी की जानकारी फोटो सहित जियो लोकेशन अद्यतन की जाती है, जिसे आमजन द्वारा पोर्टल पर देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि जियो फैंस तकनीक का उपयोग अन्य राज्यों में किया जा रहा है। मध्यप्रदेश द्वारा कर्नाटक की तर्ज पर इस तकनीक का सारा एप में उपयोग किया गया, जिसके सार्थक परिणाम आने पर तकनीक को निरन्तर किया जा रहा है।

खेत पर जाकर होगी गिरदावरी

सारा एप में फेंस तकनीकी के कारण गिरदावर को अब फसल संबंधी जानकारी के लिये स्वयं खेत पर जाना होगा। जिसपर फसल की फोटो के साथ ही उसकी लोएशन भी अपडेट करनी होगी | अब इस एप के कारण वे एक जगह खटिया पर बैठकर गिरदावरी नहीं कर सकेंगे। आयुक्त ने सभी कलेक्टर्स को समय-सीमा में गिरदावरी की कार्यवाही कराए जाने के लिए कहा है।

यह भी पढ़ें   कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित की सोयाबीन की उच्च उपज देने वाली तीन क़िस्में
- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest News

3 लाख से अधिक नए किसानों को दिया जायेगा ब्याज मुक्त फसली ऋण

ब्याज मुक्त फसली ऋण का वितरणकृषि के क्षेत्र में निवेश के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारें किसानों को सस्ता...

More Articles Like This

ऐप खोलें