मध्य प्रदेश में इन सभी किसानों का इतना कर्ज होगा माफ़

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सरकार ने साफ किया सभी किसानों का कर्ज होगा माफ़

17 दिसम्बर को मध्य प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद पहला फैसला किसानों की कर्जमाफ़ी को लेकर किया गया था | जब यह खबर आई तो ऐसा लगा की देश का सबसे बड़ा फैसला है | लेकिन उसी समय एक खबर चल पड़ी की मध्य प्रदेश की सरकार सभी किसानों का कर्ज माफ़ नहीं कर रही है | यह सरकार केवल सहकारी बैंक से लिए गए लोन को ही माफ़ करेगी | 17 दिसम्बर को ही किसान समाधान ने इस बात की पुष्टि की थी कि सरकार सभी किसानों का कर्ज माफ़ कर रही है | इसी तरह की दूसरी अफवाह चली थी कि  राज्य सरकार केवल डिफाल्टर किसानों का ही कर्ज माफ़ कर रही है परन्तु किसान समाधान इस सवाल का भी जवाब उसी समय दिया था की राज्य सरकार डिफाल्टर तथा चालू खाता धरकों का 2 लाख का लोन माफ़ कर रही है |

61 लाख 20 हजार किसानों की होगी कर्जमाफी

मध्य प्रदेश की सरकार ने एक प्रेस रिलीज जारी कर दावा किया है की सहकारी बैंक के अलावा राष्ट्रीय बैंक के सभी किसानों का कर्ज माफ़ कर रही है | इस कर्ज माफ़ी के तहत सभी किसान आयेंगे | इस में डिफाल्टर तथा अडीफल्टर दोनों तरह के किसानों का कर्ज माफ़ किया जा रहा है | इस कर्ज माफ़ी के लिए सभी बैंकों से कर्जदार किसानों की सूचि मांगी जा रही है | 2 लाख रुपये तक के कालातीत कृषि ऋण को माफ किया जायेगा। इससे प्रदेश के 61 लाख 20 हजार किसान लाभान्वित होंगे और उनके करीब 62 हजार 294 करोड़ रुपये राशि के कर्ज में से दो लाख रूपये तक कृषि ऋण माफ किये जायेंगे। इनमें राष्ट्रीयकृत, सहकारी और आरआरबी से लिये गये कृषि ऋण शामिल हैं। किसानों को सुविधा दिये जाने के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन करने की सुविधा होगी।

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जिला सहकारी बैंक बडवानी तथा खरगौन जिले के बारे में जानकारी देते हुये सरकार ने बताया है की बडवानी की 74,445 और खरगौन की 1,61,445 किसानों की कर्ज माफ़ किया जायेगा | इन दोनों जिलों के किसानों का 1939 करोड़ का कर्ज माफ़ किया जा रहा है | 17 दिसम्बर को राज्य सरकार ने जून 2009 से 31 मार्च 2018 तक के कर्ज को माफ़ करने को कहा गया था | लेकिन प्राप्त सुचना के आधार पर यह मालूम चला है की सरकार 30 नवम्बर 2018 तक का कर्ज माफ़ किया जायेगा | इसके लिए राज्य सरकार ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर किसानों की कर्ज की जानकारी मांगी है |

कृषि ऋण माफी को लेकर इन बातों पर हो रहा है विचार

मंत्रि-परिषद की बैठक में कृषि ऋण बकाया के लिये 31 मार्च, 2018 के स्थान पर कट ऑफ डेट 30 नवम्बर, 2018 किये जाने पर भी विचार किया गया। जानकारी दी गई कि कालातीत बकायादारों की कर्ज माफी पर लाभान्वित किसान को ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र भी दिया जायेगा। ऐसे किसान जिन्होंने 31 मार्च, 2018 के चालू बकाया को 30 नवम्बर तक चुका दिया है, उनको प्रति हेक्टेयर सम्मान-निधि प्रदान करने पर भी विचार किया गया।

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मंत्रिपरिषद की बैठक में बताया गया कि कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋण पर ही प्रदान की जाना है। कर्ज माफी के लिये राज्य शासन द्वारा देय राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से किसान के ऋण खाते में जमा की जायेगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये आधार कार्ड की ऋण खाते में सीडिंग अनिवार्य होगा।

पहले चरण में लघु सीमांत किसान तथा सहकारी बैंकों के करंट आउट स्टेंडिंग लोन के भुगतान पर विचार किया जायेगा। योजना में कालातीत ऋण, जो योजना मापदण्डों में पात्र पाए गए हैं, उस राशि को बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट करने के बाद कार्यवाही की जायेगी। बैठक में जानकारी दी गई कि एक अप्रैल, 2007 या उसके बाद लिये गये ऋण जो 31 मार्च, 2018 को कालातीत घोषित किये गये हों, उनको योजना में शामिल किया जायेगा। प्रदेश में 26 जनवरी, 2019 की ग्रामसभा में योजना की पात्रता सूचियाँ प्रस्तुत की जायेंगी।

मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों को दिये गये निर्देश के बाद 5 जनवरी को होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों की कर्ज माफी योजना को मंजूरी दी जायेगी। योजना की मंजूरी के पश्चात ही विचाराधीन बातों जैसे कट ऑफ डेट आदि की सही सही जानकरी मिल पायेगी | इसलिए किसान भाई अभी अन्य अफवाहों पर ध्यान न दें |

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